अगरतला। त्रिपुरा प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सोमवार को केन्द्रीय दूरसंचाव व प्रसारण मंत्रालय से एनडीए सरकार की नई प्रिंट मीडिया के लिए बनाई गई विज्ञापन नीति को वापस लेने की मांग की। कांग्रेस का कहना है कि अगर जल्द ही इस पॉलिसी को वापस नहीं लिया गया तो पार्टी आंदोलन छेड़ देगी। सैंकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सोमवार को सूचना एवं प्रसारण मंत्री को संबोधिथ ज्ञापन प्रेस इंर्फोमेशन ब्यूरो अगलता की प्रभारी बिना दास को सौंपा। प्रिंट मीडिया के लिए विज्ञापन नीति 2016 इस साल 1 जुलाई से लागू की गई है। कांग्रेस इसका जमकर विरोध कर रही है। कांग्रेस का कहना है कि इस नीति से देश के कई समाचार पत्र प्रभावित होंगे,खासतौर पर नॉर्थ ईस्ट रीजन के। कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष बिराजित सिन्हा ने कहा, एनडीए सरकार की नई विज्ञापन नीति से नॉर्थ ईस्ट रीजन के कई समाचार पत्र बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। 

समाचार पत्रों को विज्ञापन निदेशालय व विजुअल पब्लिसिटी से विज्ञापन नहीं मिल रहे हैं। अगर यह नीति जारी रहती है तो समाचार पत्र इंडस्ट्री से जुड़े कई लोग अपनी नौकरी से हाथ धो बैठेंगे। एनडीए सरकार की नई विज्ञापन नीति लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला है। इसे जल्द वापस लिए जाने की जरूरत है। सिन्हा ने पहले दावा किया था कि यूपीए के शासनकाल के दौरान लॉन्च की गई विज्ञापन नीति समाचार पत्र इंडस्ट्री के हित में थी। मीडिया प्रतिनिधियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने 15 जून को नई दिल्ली में केन्द्रीय मंत्री राज्यवर्धन राठौड़ से मुलाकात की थी। प्रतिनिधिमंडल ने एनडीए सरकार की विज्ञापन नीति में संशोधन की मांग की थी।