त्रिपुरा प्रदेश कांग्रेस समिति ने मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब से गरीब तबके के लोगों को राहत पहुंचाने की मांग करते हुए कहा है कि विभिन्न बैंको और वित्तीय कंपनियों को इनके कर्ज की किश्तें कम से कम अगले कुछ माह के लिए निलंबित की जानी चाहिए। 

कांग्रेस उपाध्यक्ष तापस डे ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा कि लाखों उद्यमी और युवा विभिन्न राष्ट्रीयकृत बैंकों और बंधन, उज्जीबन और आशा जैसे अन्य सूक्ष्म-वित्तीय संस्थानों से ऋण लेकर अपना छोटा व्यवसाय कर रहे हैं , लेकिन उन्हें कोविड महामारी के कारण नियमित किश्तों का भुगतान करना बेहद मुश्किल हो रहा है। कोविड कफ्र्यू के कारण परिवहन क्षेत्र और छोटे व्यवसाय से कमाई बंद हो गई है, लेकिन माइक्रोफाइनेंस कंपनियों की ओर से किश्तों का भुगतान करने के लिए लगातार दबाव डाला जा रहा है। 

उन्होंने कहा कि पहले घोषणा की गयी थी कि राष्ट्रीयकृत बैंक ऋण पर किश्त भुगतान को निलंबित कर देंगे, लेकिन इसका पालन नहीं किया गया। कई मामलों में बैंकों को जुर्माना लगाते पाया गया। वहीं माइक्रोफाइनेंस कंपनियों ने सरकार की घोषणा पर कोई ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा , कुछ मामलों में माइक्रोफाइनेंस कंपनियों के दबाव के बाद ऋण लेने वालों ने आत्महत्या कर ली है। राज्य सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप और गरीब लोगों को वित्तीय बोझ से बचाने की उम्मीद की जा रही थी लेकिन दुर्भाग्य से वह अभी तक पूरी तरह मौन है। पत्र में सभी गरीब परिवारों को राशन के सामान की मंजूरी और 6000 रुपये नकद सहायता के साथ ही परिवहन श्रमिकों , किसानों और सब्जी विक्रेताओं के लिए राहत पैकेज की घोषणा किये जाने की मांग की गयी है।