राज्य कर्मचारियों के लिए सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने की पुष्टि मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने कर दी है। देब ने कहा कि केंद्र सरकार ने इसके लिए 1,500 करोड़ रुपए दिए हैं। सीएम देब ने बीजेपी की अगुवाई वाली सरकार द्वारा पिछले 15 महीनों के दौरान कर्मचारियों के हितों को बढ़ावा देने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में बात की और कहा कि सेवानिवृत्ति से पहले मरने वाले कर्मचारियों के परिवारों को सातवें वेतन आयोग सिफारिश के अनुसार 60 साल तक शेष सेवा अवधि के लिए पूरा वेतन मिलेगा।

त्रिपुरा कर्मचारियों के भाजपा समर्थक संगठन संघ के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए देब ने कहा कि राज्य सरकार के कर्मचारियों को 7वां वेतन मान लागू करने के बाद काफी लाभ मिलने वाला है। सीएम ने बताया कि होम गार्ड्स को हर महीने 6,000 रुपए मिलते थे, भाजपा सरकार ने उनका वेतन बढ़ाकर 18,000 रुपए प्रति माह कर दिया है। ग्रेच्युटी राशि को भी 4 लाख रुपए से बढ़ाकर 10 लाख रुपए कर दी है। देब ने कहा कि बिजली विभागों के लाइनमैन का बीमा सीमा 2 लाख रुपए से बढ़कर 10 लाख रुपए कर दिया गया है। 

साथ ही सीएम ने यह भी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कर्मचारियों को निष्ठाहीन और अक्षम पाया जाता है, तो उन्हें सेवानिवृत्ति पर जाने के लिए मजबूर किया जाएगा। सीएम बिप्लब देब ने कहा कि राज्य सरकार अपने कर्मचारियों को सभी वित्तीय लाभ प्रदान करेगी, साथ ही कर्मचारियों से भी पूरा कार्य कराया जाएगा। सरकार और लोगों के हित के लिए सभी कर्मचारियों को अपना काम पूरी जिम्मेदारी के साथ पूरा करना है। हर तीन महीने के बाद मुख्य सचिव से लेकर चपरासी तक के अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रदर्शन की समीक्षा की जाएगी और उसके अनुसार सरकार कार्रवाई करेगी।