त्रिपुरा की सत्ता संभालने के बाद से मुख्यमंत्री बिप्लब देब अपने बेतुके बयानों को लेकर चर्चा में हैं। पहले इंटरनेट, फिर ममता  बनर्जी और अभी हाल ही पूर्व मिस वल्र्ड डायना हेडन के बाद अब देब ने रोजगार को लेकर युवाओं को नसीहत देते हुए कहा है कि वह सरकारी नौकरी के लिए नेताओं के पीछे भागने की जगह पान की दुकान खोलें। हालांकि देब मैकेनिकल इंजीनियरिंग बैकग्राउंड के छात्रों पर दिए बयान से पलट गए।

त्रिपुरा के सीएम बिप्लब कुमार देब ने कहा कि उन्होंने ये नहीं कहा था कि मैकेनिकल इंजीनियरिंग बैकग्राउंड के लोगों को सिविल सर्विस का हिस्सा नहीं बनना चाहिए। उन्होंने सिर्फ  इतना ही कहा था कि अगर सिविल इंजीनियर सिविल सर्विसेज का हिस्सा बनते हैं तो आम लोगों को फायदा मिलेगा। उन्होंने मीडिया पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोगों को बयान तोड़मरोड़ कर पेश करने की आदत बन चुकी है। 

त्रिपुरा के सीएम ने कहा कि बेरोजगारी से निजात पाने के लिए तमाम सारे रास्ते हैं, उन्होंने कहा किहर घर में गाय होनी चाहिए। त्रिपुरा में दूध 50 रुपये प्रति लीटर बिकता है। अगर कोई ग्रेजुएट है और वो नौकरी के लिए 10 साल इधर उधर भटकता रहता है, अगर वो 10 साल तक गाय पाल ले तो आप के 10 लाख रुपये का बैंक बैलेंस हो जाता है। उन्होंने पढ़े लिखे युवाओं को सुझाव देते हुए कहा कि आप लोगों को सरकारी नौकरियों के पीछे नहीं भागना चाहिए। इससे बेहतर है कि आप स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ें। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत सरकार कई योजनाओं पर काम कर रही है। आप लोगों को उसका फायदा उठाना चाहिए।

इससे पहले उन्होंने कहा था कि मैकेनिकल बैकग्राउंड के छात्रों की सिविल सर्विस में नहीं जाना चाहिए, लेकिन उन्होंने सिविल इंजीनियरों के बारे में थोड़ी सी अलग राय रखी। अपनी बात को बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि सिविल इंजीनियक प्रशासन और समाज को सार्थक योगदान दे सकता है। इसके साथ ही मेडिकल प्रोफेशन से जुड़े लोगों के बारे में कहा कि वो लोग अगर फील्ड में जाते हैं तो अपने ज्ञान का फायदा वो बीमार शख्स को पहुंचा सकते हैं।