त्रिपुरा प्रधानमंत्री की बहुप्रतिक्षित योजना 'वन नेशन, वन राशन' को लागू करने वाला पूर्वात्तर क्षेत्र का पहला राज्य बन गया है। जिसने अब देश के अन्य राज्यों से राज्य के राशन कार्डधारकों को राशन सामग्री एकत्र करने में सक्षम बनाया।


खाद्य और आपूर्ति मंत्री मनोज कांति देब ने शनिवार को पत्रकारों को बताया कि केंद्र सरकार ने राशन प्रणाली को एकल प्लेटफॉर्म में लाने का लक्ष्य रखा है जिससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को पारदर्शी बनाया जा सके और इस योजना को त्रिपुरा ने सफलतापूर्वक लागू किया है।


'वन नेशन, वन राशन' कार्यक्रम के तहत त्रिपुरा का कोई भी पीडीएस उपभोक्ता झारखंड, मध्यप्रदेश, गोवा, गुजरात और आंध्र प्रदेश से राशन ले सकता है। श्री देब ने कहा कि अगले तीन महीनों में सात अन्य राज्यों को भी इस पीडीएस प्रणाली के नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।


देब ने कहा, 'प्रशासनिक जटिल प्रणाली के चलते बहुत से लोग जब एक स्थान से दूसरे स्थाने जाते हैं तो पीडीएस प्रणाली का लाभ नहीं उठा पाते। आंध्र प्रदेश, गुजरात, झारखंड, हरियाणा, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, राजस्थान, और तेलंगाना जैसे राज्य पहले से ही पीडीएस के तहत सामाजिक सुरक्षा प्रदान कर रहे हैं लेकिन बहुत सारे लोग अपने निवास स्थान पर राशन कार्ड न मिलने से इस सुविधा का लाभ उठाने से वंचित हैं।'


उन्होंने कहा कि पूर्वात्तर में त्रिपुरा ने 100 प्रतिशत ई-पोर्टेबिलिटी राशन कार्ड की सेवा को कार्यान्वयित किया गया है। ई-पोर्टेबिलिटी की सुविधा राज्य के लगभग 23,400 लोग पहले से ही प्राप्त कर चुके हैं।