चुनाव में पहली बार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और वामपंथियों के बीच सीधा मुकाबला है। वर्ष 2013 के चुनाव में महज 1.57 वोट हासिल करने वाली भाजपा इस बार कई सीटों पर माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) पर भारी पड़ रही है। चारीलाम निर्वाचन क्षेत्र से माकपा उम्मीदवार रामेंद्र नारायण देववर्मा के निधन के कारण इस सीट का चुनाव रद्द किया जा चुका है। चुनाव आयोग ने उस सीट के लिए मतदान की तारीख 12 मार्च तय की है।

तरणीकांति ने बताया कि स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए राज्यभर में व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गये हैं। उन्होंने बताया कि शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव कराने के लिए लगभग 50 हजार अर्धसैनिक और अन्य सुरक्षा बलों के जवान तैनात किए गये हैं। इसके अलावा दो हवाई निगरानी दल वरिष्ठ अधिकारियों की अगुवाई में तड़के से ही हेलिकॉप्टरों के जरिये हवाई सर्वेक्षण कर रहे हैं। माकपा ने 57 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं।

मुख्यमंत्री माणिक सरकार पांचवीं बार सत्ता पर काबिज होने के लिए धनपुर विधानसभा क्षेत्र से मैदान में है। उनका मुकाबला भाजपा की प्रतिमा भौमिक और कांग्रेस की लक्ष्मी नाग बर्मन से है। माकपा राज्य में 1978 से सत्तारूढ है, इस बीच 1988 से 1993 तक कांग्रेस नीत गठबंधन का शासन रहा। वाम मोर्चा ने 1993 में दोबारा वापसी की और उसके बाद पीछे मुड़ कर नहीं देखा। भाजपा ने 51 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं और नौ सीटें अपनी सहयोगी इंडीजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) के लिए छोड़ दी हैं।

राज्य में सत्तारुढ़ माकपा को चुनौती देने के लिए भाजपा ने जनजातीय समर्थित पार्टी इंडीजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) से गठबंधन किया है जबकि कांग्रेस अपने बूते चुनाव मैदान में खड़ी है। कांग्रेस ने 59 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। इसके अलावा एक दूसरी जनजातीय समर्थक पार्टी इंडीजिनस नेशनलिस्ट पार्टी ऑफ त्विपरा (आईएनपीटी) के साथ ही चुनाव में खड़े विभिन्न राजनीतिक दलों तथा निर्दलीय उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला 3 मार्च को हो जाएगा। राज्य के पुलिस महानिदेशक ए के शुक्ला ने बताया कि मतदान के लिए सुरक्षा के समुचित इंतजाम किए गये हैं। उन्होंने बताया कि बंगलादेश से लगी 856 किलोमीटर लंबी सीमा के आसपास भी चौकसी बढ़ा दी गयी है और सीमा सुरक्षा बल के जवान गश्त लगा रहे हैं। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के महानिदेशक आर के पचनंदा को सुरक्षा बलों की तैनाती के समन्वय के लिए विशेष पर्यवेक्षक के तौर पर नियुक्त किया गया है।

विधानसभा चुनाव में राज्य के 25 लाख 36 हजार 589 मतदाता विभिन्न दलों के 292 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे जिनमें 12 लाख 50 हजार 128 महिला मतदाता शामिल हैं। उम्मीदवारों में 23 महिलाएं और 90 से अधिक निर्दलीय उम्मीदवार शामिल हैं। चुनाव आयोग के अनुसार 47803 मतदाता ऐसे हैं जो पहली बार मताधिकार का प्रयोग करेंगे। राज्य में कुल 3214 मतदान केंद्र बनाये गये हैं। राज्य में तीन मार्च को मतगणना होगी। इसके अलावा पूर्वाेत्तर के दो राज्यों नागालैंड और मेघालय विधानसभा चुनावों की मतगणना भी उसी दिन होनी है। इन दोनों राज्यों में 27 फरवरी को मतदान है।