त्रिपुरा के अधिकतर मतदान केंद्रों पर समन्वय संबंधी दिक्कतों और अन्य कारणों से मतदान लगभग एक घंटा देरी से शुरू हुआ। मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्रीराम तरणीकांति ने बताया कि राज्य के विभिन्न हिस्सों से हिंसा की छिटपुट घटनाओं के बावजूद मतदान में अब तक किसी किस्म की बाधा अथवा मतदान से जुड़े अधिकारियों को खतरे की कोई सूचना नहीं मिली है।


उन्होंने बताया कि सुबह सात बजे से पहले से ही मतदान केंद्रों पर लोगों खास तौर पर महिलाओं की कतारें लगनी शुरू हो गयीं। हालांकि समन्वय संबंधी दिक्कतों और विभिन्न राजनीतिक दलों के एजेंटों के समक्ष वीवीपैट तथा इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की जांच और छद्म मतदान के प्रदर्शन के कारण अधिकतर मतदान केंद्रों पर मतदान लगभग एक घंटा देर से शुरू हुआ।


तरणीकांति ने बताया कि मतदान चार बजे समाप्त होना है, लेकिन चार बजे से पहले जो लोग भी मतदान केंद्र पर पहुंच जाएंगे, उन्हें मतदान का अवसर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव कराने के लिए लगभग 50 हजार अर्धसैनिक और अन्य सुरक्षा बलों के जवान तैनात किए गये हैं। इसके अलावा दो हवाई निगरानी दल वरिष्ठ अधिकारियों की अगुवाई में तड़के से ही हेलिकॉप्टरों के जरिए हवाई सर्वेक्षण कर रहे हैं।


विधानसभा चुनाव में राज्य के 25 लाख 36 हजार 589 मतदाता विभिन्न दलों के 292 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे, जिनमें 12 लाख 50 हजार 128 महिला मतदाता शामिल हैं। उम्मीदवारों में 23 महिलाएं और 90 से अधिक निर्दलीय उम्मीदवार शामिल हैं। चुनाव आयोग के अनुसार 47803 मतदाता ऐसे हैं जो पहली बार मताधिकार का प्रयोग करेंगे। राज्य में कुल 3214 मतदान केंद्र बनाये गये हैं।