कोरोना वायरस की सबसे ज्यादा मार भारत के पर्यटन के क्षेत्र पर पड़ी है। इसकी वजह से हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड ने पर्यटकों के लिए अप्रैल में अपने बॉर्डर बंद कर दिए थे। कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच दोनों राज्यों में सख्त लॉकडाउन लगा दिया गया था। लेकिन अब कुछ छूट दी जा रही है और इसको लेकर सरकार ने नई गाइडलाइन जारी की है। ऐसे में इन राज्यों में घूमने जाने वालों के लिए इसें पढ़ लेना आवश्यक है जो इस प्रकार है—

हिमाचल प्रदेश की गाइडलाइन
यहां आने वाले पर्यटकों को अपने साथ अधिकतम 72 घंटे पुरानी RT-PCR Covid-19 नेगेटिव रिपोर्ट लानी होगी। राज्य में प्रवेश के लिए जरूरी ई-पास प्राप्त करने के लिए हिमाचल कोविड पास पोर्टल पर अन्य आवश्यक दस्तावेजों के साथ ये कोविड रिपोर्ट भी जमा करनी होगी।

हिमालचल के होटल्स में भी Covid-19 की नेगेटिव रिपोर्ट मांगी जाएगी। हालांकि, आवश्यक सेवाओं में शामिल लोगों को  RT-PCR रिपोर्ट लाने से छूट दी गई है। हिमाचल प्रदेश के पर्यटन और नागरिक उड्डयन विभाग की तरफ से एक सर्कुलर भी जारी किया गया है जिसमें कुछ जरूरी नियम बताए गए हैं।

सर्कुलर के अनुसार, होटलों में स्विमिंग पूल, ऑडिटोरियम और असेंबली हॉल बंद रहेंगे। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, कर्नाटक, गुजरात, राजस्थान और पंजाब जैसे राज्यों में जहां कोरोना के मामले बहुत ज्यादा हैं, वहां से आने वाले पर्यटकों को होटल में चेक इन करने से पहले होटल के स्टाफ को 72 घंटे पहले की RT-PCR टेस्ट की नेगेटिव रिपोर्ट दिखानी होगी।

सभी पर्यटकों को गृह मंत्रालय एवं पर्यटन विभाग द्वारा समय-समय पर जारी सुरक्षा एवं स्वच्छता के दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन करना होगा।
 

उत्तराखंड की गाइडलाइन
उत्तराखंड की गाइडलाइन- उत्तराखंड में 15 जून तक लॉकडाउन रहेगा। इसके बाद सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक केवल कुछ छोटी दुकानें और बाजार ही खुले सकेंगे। राज्य सरकार ने अभी तक होटल, रेस्टोरेंट और रिजॉर्ट को खोलने की इजाजत नहीं दी है।

दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों को अपनी RT-PCR नेगेटिव रिपोर्ट दिखानी होगी। लेकिन गढ़वाल से कुमाऊं और कुमाऊं से गढ़वाल आने-जाने वाले लोग बिना कोविड-19 नेगेटिव रिपोर्ट के आ-जा सकते हैं। राज्य के बाहर से आने वाले लोगों को स्मार्ट सिटी के वेब पोर्टल 'http://smartcitydehradun.uk.gov.in' पर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।

उत्तराखंड में कोरोना वायरस से पर्यटन उद्योग को काफी नुकसान पहुंचा है। इस बीच, होटल व्यवसायियों, सड़क किनारे लगने वाले भोजनालयों के मालिकों, टूर और ट्रैवल ऑपरेटर्स और एडवेंचर टूरिज्म से जुड़े लोगों ने सरकार की तरफ से मिले राहत पैकेज से उम्मीद जताई है।

उत्तराखंड के पर्यटन और संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, 'पर्यटन हमारे आजीविका का सहारा है और महामारी के कारण इसे कई स्तरों पर नुकसान हुआ है।'  महाराज ने कहा कि 2021 में दूसरी लहर से हुए नुकसान का अभी अनुमान नहीं लगाया गया है, लेकिन 2020 में इस क्षेत्र को 1600 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, इसके अलावा 23,000 लोग बेरोजगार हो गए हैं।