भारत में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन फिलहाल इसका असर रेल सेवाओं पर नहीं पड़ेगा। रेलवे ने कहा है कि उसका यात्री सेवाओं में कमी करने या रोक लगाने का कोई इरादा नहीं है। कई राज्‍यों से प्रवासी कामगारों के वापस लौटने की रिपोर्ट्स के बीच, रेलवे का कहना है कि वह जरूरत के हिसाब से ट्रेन सेवा उपलब्‍ध कराएगा।

रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सुनीत शर्मा ने कहा कि ट्रेन सेवाओं की कमी नहीं है और रेलवे शॉर्ट नोटिस पर ट्रेनें चलाने को तैयार है। कोविड-19 के मद्देनजर कई राज्‍यों ने अपने स्‍तर पर गाइडलाइंस लागू की हैं।

रेलवे ने साफ क‍िया है कि ट्रेन से यात्रा करने के लिए कोविड-19 निगेटिव सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है। कुछ राज्‍यों ने अराइवल पर कोविड निगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य कर रखी है। यात्रियों को कन्‍फ्यूजन थी क‍ि कहीं ट्रेन में चढ़ने के लिए भी तो कोविड की रिपोर्ट नहीं दिखानी पड़ेगी।

ऐसा नहीं होगा लेकिन अपने गंतव्‍य राज्‍य में पहुंचने पर कोविड की निगेटिव रिपोर्ट दिखानी पड़ सकती है, बशर्ते राज्‍य ने ऐसी घोषणा कर रखी हो। रेलवे ने कहा है कि यात्रियों को हालिया कोविड-19 गाइडलाइंस और राज्‍य सरकारों के प्रोटोकॉल्‍स का ही पालन करना है।

कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए कई राज्‍यों ने आंशिक लॉकडाउन किया है। इससे ट्रेनों की बुकिंग को लेकर मारामारी मचने लगी है। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन के अनुसार, जितनी ट्रेनों की जरूरत होगी रेलवे उतनी ट्रेनें चलाएगा। ताजा भीड़ को लेकर चेयरमैन ने कहा कि गर्मी के मौसम में इतनी भीड़ होती ही है और उसे काबू करने के लिए अतिरिक्‍त ट्रेनों की घोषणा कर दी गई है।

रेलवे के सेंट्रल जोन ने कहा है कि श्रमिक स्‍पेशल ट्रेनें चलाने की कोई योजना नहीं है। महाराष्‍ट्र में दूसरे लॉकडाउन की चर्चा जोरों पर हैं और दूसरे राज्‍यों के लोग जल्‍दी घर लौटने की कोशिश में हैं। ऐसे में सेंट्रल रेलवे ने साफ किया है कि केवल स्‍पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं। श्रमिकों के लिए अलग से ट्रेन चलाने का प्रस्‍ताव नहीं है।

रेलवे बोर्ड के चेयरमैन और सीईओ सुनीत शर्मा ने कहा कि जहां वेटिंग लिस्ट 120 फीसदी के आसपास होगी वहां भीड़ कम करने के लिए खास ट्रेनें चलाई जाएंगी। उन्होंने बताया कि पिछले 10 दिनों के अंदर मेल एक्सप्रेस ट्रेनों की 94 जोड़ी ट्रेनें अतिरिक्त चलाई गईं हैं जबकि देश में और 196 पैसिंजर ट्रेनें भी शुरू की गई हैं। केवल गोरखपुर, पटना, दरभंगा, वाराणसी, गुहाटी, बरौनी, प्रयागराज, बोकारो, लखनऊ और रांची के लिए ज्यादा ट्रेनों की मांग है।

मुंबई से बिहार के विभिन्न स्टेशनों के लिए 45 स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला हुआ है। फिलहाल बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में 180 स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जा रहा है।