हम बाथरूम में रखे टॉवेल का इस्तेमाल नहाने के बाद शरीर से पानी पोछने के लिए करते हैं। अक्सर लोगों को लगता है कि एंटी जर्म साबुन से नहाने के बाद उनका शरीर पूरी तरह से बैक्टीरिया फ्री हो गया है। अगर अब तक आप भी यही सोचते रहे हैं तो अपनी इस सोच को तुरंत बदल डालिए। एनवाईयू स्कूल ऑफ मेडिसिन की पैथोलॉजी व माइक्रोबायोलजी विभाग की क्लीनिकल प्रोफेसर पीएचडी फिलिप टायरनो की मानें तो व्यक्ति जब नहाकर टॉवेल का इस्तेमाल करता है तो उस स्थिति में उसके शरीर से कीटाणु टॉवेल में चिपक जाते हैं। एक बार जब टॉवेल में कीटाणु चिपक जाते हैं तो वो अपनी संख्या बढ़ाने लगते हैं।

वहीं यूनिवर्सिटी ऑफ एरिजोना की माइक्रोबायोलॉजी प्रोफेसर डॉ. चक ग्रेबा के अनुसार रोजाना जब आप उसी टॉवेल का इस्तेमाल करते रहते हैं तो टॉवेल में कीटाणु की संख्या भी बढ़ने लगती है।

डॉ. ग्रेबा के शोध में इस बात का भी पता चला कि नए टॉवेल की तुलना में यूज किए हुए टॉवेल में करीब हजार से भी अधिक कोलिफॉर्म बैक्टीरिया मौजूद होते हैं। जो अंधेरे और नमी वाली जगह पर तेजी से पनपते हैं। यह बैक्टीरिया लंबे समय तक जीवित रह सकते हैं। शोध में कहा गया है कि यदि टॉवेल को बाथरूम में रखा गया है और उसका दरवाजा बंद हो तो टॉवेल में बैक्टीरिया लंबे समय तक जीवित रह सकते हैं।

टॉवेल में मौजूद बैक्टीरिया ऐसे पहुंचाते हैं नुकसान-
इंफेक्शन का खतरा
यह सुनने में काफी अजीब लगता है कि टॉवेल का इस्तेमाल करने या टॉवेल में कीटाणु होने के कारण आप बीमार पड़ सकते हैं। सिर्फ जर्म की वजह से आप बीमार नहीं पड़ते बल्कि बीमारी होने की संभावना तब काफी बढ़ जाती है जब आप किसी दूसरे का टॉवेल इस्तेमाल करते हैं। गंदे टॉवेल में काफी मात्रा में माइक्रोब्स होते हैं, इसके कारण इंफेक्शन होने का खतरा बना रहता है। जितनी बार भी आप टॉवेल से स्किन साफ करते हैं उतनी बार आपके स्किन के कीटाणु उसमें आ जाते हैं। टॉवेल में कीटाणु होने से उसका इस्तेमाल करने वाले किसी भी व्यक्ति को इंफेक्शन होने की संभावना बनी रहती है।

एक्ने का खतरा-
यदि आपको एक्ने की बीमारी है तो यह स्वभाविक है कि आप बार-बार स्किन को धोने के बाद टॉवेल का इस्तेमाल करते होंगे। वहीं किसी दूसरे का या टॉवेल में कीटाणु होने के कारण उसका इस्तेमाल करने से वो आपकी फुंसियों के जरिए शरीर में बैक्टीरिया चला जाएगा, वहीं अंदर ही अंदर काफी कीटाणुओं को बढ़ाएगा।

2013 में आए शोध में पता चला कि बाथरूम में रखे टॉवेल को यदि न धोएं व बार-बार इस्तेमाल करें तो उसमें करीब 25 फीसदी तक ई कोलाई बैक्टीरिया हो सकते हैं। यह बात सच है कि बाथरूम में रखें 90 फीसदी टॉवेल में बैक्टीरिया होते ही हैं।

टॉवेल को साफ रखने के लिए अपनाएं ये टिप्स-
 -टॉवेल में कीटाणु न हो इसके लिए किसी दूसरे को टॉवेल इस्तेमाल करने के लिए न दें।
-कम से कम दो से तीन दिनों में टॉवेल को धो लें।
-टॉवेल को धूप में सुखाने से उसमें मौजूद कई बैक्टीरिया मर जाते हैं, कोशिश करें उसे ज्यादा देर धूप में ही सूखने दें।
- नहाने के बाद कभी भी अपना टॉवेल बाथरूम में न सूखाएं। इसे बाहर धूप में सूखने के लिए डाल दें।
-टॉवेल और अंडर गारमेंट्स कभी भी एक साथ डालकर न धोएं। ऐसा करने से अंडर गारमेंट्स में मौजूद बैक्टीरिया टॉवेल में चले जाते हैं।