केंद्र सरकार ने हाल ही में 100 से ज्यादा चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध लगाया था। केंद्रीय मंत्री संजय शामराव धोत्रे ने राज्यसभा को बताया कि देश की सरकार ने 2014 के बाद से अब तक 296 मोबाइल ऐप्लिकेशंस पर प्रतिबंध लगाया है। मंत्री ने कहा कि इन ऐप्स पर प्रतिबंध देश की सिक्योरिटी, संप्रभुता और पब्लिक ऑर्डर को देखते हुए लगाया गया है।

अपर हाउस में दिए गए उत्तर में धोत्रे ने कहा कि आईटी एक्ट 2000 की धारा 69 ए और इसके नियमों के अनुसार देश की सरकार 2014 से अब तक 296 मोबाइल ऐप्स को बैन कर दिया है। यह सब संप्रभुता और भारत की अखंडता के चलते हुआ है और सार्वजनिक व्यवस्था बनी रहे और राज्य की सुरक्षा बनी रहे इसलिए यह कदम उठाया गया।

धोत्रे ने कहा कि गृह मंत्रालय एमएचए को एंड्रॉयड और आईओएस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कुछ चाइनीज ऐप्स के गलत इस्तेमाल के बारे में रिपोर्ट्स मिली थीं। कई रिपोर्ट्स से पता चलता है कि इन ऐप्लिकेशन का गलत इस्तेमाल कैसे किया गया था। उन्होंने कहा कि इन ऐप्स का गलत इस्तेमाल यूजर्स के जरूरी डेटा जैसे फाइनेंशियल डेटा को चोरी करने और डिवाइस में मौजूद सभी डेटा तक पकड़ बनाने के लिए किया गया था। इससे यूजर्स की रियल टाइम एक्टिविटी पर भी नजर रखी गई थी। इनकी बदौलत देश की नेशनल सिक्योरिटी और वर्तमान में सीमा पर तनावपूर्ण स्थिति का पता चला है।

धोत्रे ने कहा कि भारत में इन ऐप्स का इस्तेमाल करना खतरे से खाली नहीं है। इन ऐप्स के इस्तेमाल से देश से बड़ी मात्रा में डेटा चोरी किया जा सकता है। डेटा चोरी के बाद उसका इस्तेमाल खराब तत्वों द्वारा देश की संप्रभुता और अखंडता को नुकसान पहुंचाने के लिए किया जा सकता है। इन ऐप्स का इस्तेमाल राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए नुकसानदायक है।

इससे देश की सुरक्षा को तो खतरा पहुंचेगा ही साथ ही साथ देश की सिक्योरिटी और भारतीय डिफेंस और आम जनता तक के लिए खतरा पैदा होगा। भारतीय सरकार ने जून 2020 में 59 चाइनीज ऐप्लिकेशन पर बैन लगाया था। यह बैन भारत और चीन के बीच विवाद को जारी देखते हुए लगाया गया था। वहीं देश की सरकार ने सितंबर माह में तो 118 चाइनीज ऐप्स पर बैन लगाया।