त्रिपुरा में कब्रिस्तान में अवैध मंदिर बनाने के आरोप में पुलिस ने एक मामला दर्ज किया है। कब्रिस्तान समिति ने पुलिस में इस बाबत शिकायत दी थी। अधिकारियों ने बताया कि मंदिर अवैध है और पुलिस ने अगरतला के दक्षिण जाॅयनगर इलाके में स्थित घटनास्थल पर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती कर दी है। अगरतला भाजपा शासित त्रिपुरा की राजधानी है।

दक्षिण जाॅयनगर कब्रिस्तान सुरक्षा समिति के सचिव तहर मिया ने कहा कि पिछले 70  साल से अल्पसंख्यक समुदाय की मय्यतों को दफन करने के लिए इस क्रबिस्तान का इस्तेमाल होता है लेकिन इस जमीन को हड़पने के लिए महा शिवरात्री के मौके पर अस्थाई शिव मंदिर का निर्माण कर लिया गया। उन्होंने बताया कि हमने यह सुनिश्चित करने के लिए पुलिस की मदद मांगी कि कब्रिस्तान प्रभावित नहीं हो। मालिकाना हक का कोई भी दावा अदालत में ही साबित किया जा सकता है। हम चाहते है कि सारी जमीन हमें सौंपी जाए। उन्होंने सोमवार को शिकायत की है।

स्थानीय निवासी प्रदीप दास ने पत्रकारों के सामने दावा किया कि जमीन का वो हिस्सा उसका है और करीब पच्चीस साल पहले तत्कालीन सत्तारूढ़ पार्टी माकपा की मदद से वहां जबरन मय्यतों को दफनाया जाने लगा। सदर के उपमंडलीय अधिकारी अजय कुमार दास ने कहा कि एक व्यक्ति ने दावा किया है कि जमीन उसकी है लेकिन वह इसे साबित करने के लिए कोई दस्तावेज पेश नहीं कर पाया।