वॉशिंगटन। धरती पर कुछ महीने पहले एक भयानक ज्वालामुखी विस्फोट हुआ था जिसे अंतरिक्ष से भी देखा गया। यह इतिहास के कुछ सबसे बड़े ज्वालामुखीय धमाकों में शामिल था जिससे इतनी अधिक मात्रा में जलवाष्प निकली कि इससे पृथ्वी की सतह के अस्थायी रूप से गर्म होने का खतरा पैदा हो गया। 

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नासा एक सैटेलाइट ने यह चौंकाने वाली जानकारी दी है। साल के पहले महीने जनवरी में जब समुद्र के नीचे स्थित हुंगा टोंगा-हुंगा हापाई ज्वालामुखी में विस्फोट हुआ तो इससे एक सुनामी और एक सोनिक बूम निकला।

नासा की सैटेलाइट के डेटा के अनुसार धमाके से भारी मात्रा में जलवाष्प समताप मंडल में पहुंच गई जो पृथ्वी की सतह से 12 से 53 किमी के बीच स्थित है। जलवाष्प की मात्रा का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि यह ओलंपिक आकार के 58,000 स्विमिंग पूल को भरने के लिए पर्याप्त थी। 

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नासा के ऑरा सैटेलाइट पर लगे माइक्रोवेव लिम्ब साउंडर उपकरण ने यह जानकारी इकट्ठा की है। यह सैटेलाइट जलवाष्प, ओजोन और अन्य वायुमंडलीय गैसों को मापती है। ज्वालामुखीय विस्फोट के बाद जलवाष्प की रीडिंग से वैज्ञानिक हैरान हो गए।