साल 2021 का पहला और आखिरी पूर्ण चंद्रग्रहण लगने जा रहा है। बुध पूर्णिमा और चंद्रगहण एक साथ होंगे। अद्भुत खगोलीय घटना के समय चांद सुर्ख लाल हो जाएगा. इसे ‘ब्लड मून’ कहते हैं। दुनियाभर के कई देश इस अद्भुत खगोलीय घटना देखने को मिलेगी। दुनिया के कुछ हिस्सों में यह घटना नहीं देखी जाएगी। यह अमेरिका और दक्षिण अमेरिका के भी कई भागों में ब्लड मून दिखाई देगा।


इसी के साथ चंद्रग्रहण दक्षिण-पूर्व एशिया, पूरे ऑस्ट्रेलिया, पूरे ओशिनिया, अधिकांश अलास्का और कनाडा, संयुक्त राज्य अमेरिका के अधिकांश भागों, हवाई, पूरे मेक्सिको और मध्य के क्षेत्रों में देखा जा सकता है। चंद्रग्रहण 26 मई को घटेगा। इसकी खास बात यह है कि यह इस साल का पहला पूर्ण चंद्रग्रहण है। उपछाया चंद्रग्रहण की शुरुआत 08 बजकर 47 मिनट 39 सेकेंड्स पर होगी और रात 1 बजकर 49 मिनट 44 सेकेण्ड पर इसका समापन हो जाएगा। अमेरिका और दक्षिण अमेरिका मात्र 14 मिनट के लिए ब्लड मून चंद्रग्रहण को देख सकेंगे।


वैज्ञानिकों द्वारा चंद्रग्रहण की कुल अवधि 5 घंटे 2 मिनट की बताई जा रही है। पूर्ण चंद्र ग्रहण 14 मिनट तक रहेगा और आंशिक फेज 2 घंटे 53 मिनट तक रहेगा।  सबसे बुरी बात यह है कि भारत देश में यह खगोलिय घटना चंद्रग्रहण नहीं देखा जाएगा। इसलिए सूतक काल मान्य नहीं होगा। बता दें कि चंद्रग्रहण ब्लड सूर्य, पृथ्वी और चन्द्रमा लगभग एक सीधी रेखा में आ जाते हैं। चंद्र ग्रहण शुरू होने के बाद ये पहले काले और फिर धीरे-धीरे सुर्ख लाल रंग में तब्दील होता है, जिसे 'ब्लड मून' भी कहा जाता है।