कल अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाएगा। जैसे कि हम जानते हैं कि योग तन, मन, व्यक्तित्व और आध्यात्मिकता का विकास करता है। योगा जीवन का सबसे अच्छा है चिकित्सा है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के दिन कई लोग सूर्य नमस्कार का अभ्यास भी करेंगे। बता दें कि सूर्य नमस्कार में 12 आसनों का सेट बनाया गया है जिसे हर कोई कर सकता है।


सूर्य नमस्कार
बता दें कि सूर्य नमस्कार करने से जीवनी शक्ति बढ़ती है, मोटापा कम होता और शरीर में लचीलापन बढ़ता है। सूर्य नमस्कार ऐसा योग है जो आपको शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रखता है। पर सूर्य नमस्कार को करने का सही तरीका बहुत कम लोग जानते हैं।

हस्तोत्तानासन
इस आसन को करने के लिए गहरी सांस भरें और दोनों हाथों को ऊपर की ओर उठाएं। अब हाथ और कमर को झुकाते हुए दोनों भुजाओं और गर्दन को भी पीछे की ओर झुकाएं। इसे बार बार दोहराएं।
हस्तपाद आसन
इस आसन में बाहर की तरफ सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे आगे की तरफ नीचे की ओर झुकें फिर अपने दोनों हाथों को कानों के पास से घुमाते हुए ज़मीन को छूएं।
अश्व संचालन आसन
इस आसन में अपनी हथेलियों को ज़मीन पर रखें, सांस लेते हुए दाएं पैर को पीछे की तरफ ले जाएं और बाएं पैर को घुटने की तरफ से मोड़ते हुए ऊपर रखें। गर्दन को ऊपर की तरफ उठाएं और कुछ देर इसी स्थिती में रहें।
पर्वत आसन
इस आसने को करने के दौरान सांस लेते हुए बाएं पैर को पीछे ले जाएं और पूरे शरीर को सीधी रेखा में रखें और अपने हाथ ज़मीन पर सीधे रखें।
अष्टांग नमस्कार
इस आसन को करते वक्त अपने दोनों घुटने ज़मीन पर टिकाएं और सांस छोड़ें। अपने कूल्हों को पीछे ऊपर की ओर उठाएं और अपनी छाती और ठुड्डी को ज़मीन से छुआएं और कुछ देर इसी स्थिति में रहें।
भुजंग आसन
इस आसन को करते वक्त धीरे-धीरे अपनी सांस छोड़ते हुए छाती को आगे की और ले जाएं। हाथों को ज़मीन पर सीधा रखें। गर्दन पीछे की ओर झुकाएं और दोनों पंजों को सीधा खड़ा रखें।
शवासन
मैट पर पीठ के बल सीधे लेट जाएं और आंखें मूंद लीजिए। पैरों को आराम की मुद्रा में हल्का खोल कर रखें। पैर के तलवे और उंगलियां ऊपर की तरफ होनी चाहिए। हाथों को बगल में रखकर हथेलियों को ऊपर की तरफ खोलकर रखें। पैर से लेकर शरीर के हर भाग पर ध्यान केंद्रित करते हुए धीरे-धीरे सांस अन्दर बाहर करें। धीरे धीरे इसे कम करें। जब शरीर में राहत महसूस हो तो आंखों को बंद करके ही थोड़ी देर उसी मुद्रा में आराम करें।