केंद्रीय उपभोक्ता विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक पूर्वोत्तर के राज्य मिजोरम की राजधानी आइजोल में टमाटर की कीमतों ने 100 रुपए प्रति किलो के स्तर को छुआ है। पिछले कुछ दिनों से ज्यादातर मंडियों में टमाटर की सप्लाई में भारी कमी देखने को मिली है, जिस वजह से इसकी कीमतों में तेजी दर्ज की गई है।

राष्ट्रीय बागवानी अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान (NHRDF) के दायरे में आने वाली मंडियों में नवंबर के दौरान टमाटर की आवक में करीब 52 फीसदी की गिरावट आई है। NHRDF के दायरे में आने वाली मंडियों में बीते नवंबर के दौरान सिर्फ 9,59,262 क्विंटल टमाटर की आवक देखने को मिली है जबकि पिछले साल नवंबर में यह आवक 19,83,164 क्विंटल दर्ज की गई थी।


कृषि सचिव एस के पटनायक ने अपने हालिया बयान में कहा था कि नई फसल की आवक के साथ अगले 15 से 20 दिन में देश के खुदरा बाज़ारों में प्याज और टमाटर की कीमतों में गिरावट आएगी। उन्होंने बताया था कि इन दोनों सब्जियों की कीमतों में बढ़ोतरी एक तात्कालिक समस्या है और स्थितियों में निश्चित तौर पर सुधार होगा।


केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने बागवानी फसलों के लिए तीसरा अग्रिम अनुमान जारी किया। नए अनुमान के मुताबिक 2016-17 के दौरान देश में टमाटर और प्याज की उपज में 8-8 लाख टन का इजाफा दर्ज किया गया है। कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक 2016-17 के दौरान देश में 195.42 लाख टन टमाटर और 217.18 लाख टन प्याज का उत्पादन हुआ है, 2015-16 के दौरान देश में 187.32 लाख टन टमाटर और 209.31 लाख टन प्याज का उत्पादन हुआ था. दोनो ही फसलों का 2016-17 के दौरान रिकॉर्ड उत्पादन हुआ है।