अभी जापान में Tokyo Olympic Games चल रहे हैं। खिलाड़ी अपना-अपना दम दिखाने में जुटे हैं। हर 4 वर्ष में होने वाला यह ओलिंपिक गेम्स अपने आप में एक ऐसा समय है जिसे हर खिलाड़ी जीना चाहता है। लेकिन इस बार काफी कुछ नया है। प्रतियोगिताओं में मिलते हैं तीन मेडल, पहला गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज। लेकिन क्या आपको पता है कि यह मेडल इस बार एक नए तरीके से बनाए गए हैं।

यह वीडियो @Tokyo2020 ने अपने ट्विटर पेज पर शेयर किया है। इसमें देखा जा सकता है कि मेडल को बनाने के लिए किन-किन चीजों का इस्तेमाल किया है। वीडियो में आप देख सकते हैं कि पुराने फोन्स और कई छोटे-मोटे बिजली के उपकरणों को रिसाइकल कर मेडल बनाए गए हैं इस बार।

Tokyo Olympic की वेबसाइट के मुताबिक, ऐसा इतिहास में पहली बार हुआ है कि विजेताओं को जो मेडल मिल रहे हैं वो शुद्ध सोने, चांदी या ब्रॉन्ज से नहीं, बल्कि पुराने इलेक्ट्रॉनिक्स, जैसे कि मोबाइल फोन, लैपटॉप को रिसाइकिल करके बनाया गए हैं। इस प्रोजेक्ट का नाम Tokyo 2020 Medal Project था। साल 2017 से लेकर 2019 तक इसपर काम चला।

अभिनेता रणदीप हुड्डा ने ट्वीट कर बताया कि 78,985 टन के इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेस से इन मेडल्स को बनाया गया है। olympics.com के मुताबिक, जापान की 1,621 नगर पालिकाओं ने मिलकर लगभग 78,985 टन सामान जोड़ा। पूरे जापान में मौजूद NTT Docomo रिटेल स्टोर्स ने लगभग 62.1 लाख फोन कलेक्ट किए। इसके बाद, इन सभी मेटल को पिघलाकर मेडल बनाए गए।

यूजर्स ने लिखा कि इस बात से हमें भी अवेयर होना चाहिए और कुछ इनोवेटिव करने का सीखना चाहिए।