टोक्यो ओलंपिक में एक विवादास्पद मामला सामने आया है। दरअसल, बेलारूस की एक एथलीट ने अपने ही देश पर आरोप लगाया है। उसे डर है कि जापान से बेलारूस पहुंचते ही उसे जेल में डाल दिया जाएगा। बेलारूस की स्प्रिंटर क्रिस्टीस्ना त्सिमानौस्काया का कहना है कि अगर वे अपने देश वापस गईं तो उन्हें जेल में डाल दिया जाएगा। उनका आरोप है कि बेलारूस की ओलंपिक कमेटी ने उसे जबरन ले जाने का प्रयास भी किया। इसे लेकर क्रिस्टीस्ना ने एक वीडियो भी जारी किया है। जापान पुलिस ने क्रिस्टीना को सुरक्षित स्थान पर भेज दिया है।

क्रिस्टीस्ना का कहना है कि वे 200 मीटर की रनर हैं। जबकि कोच उन पर 4 गुणा 400 रिले में दौडऩे के दबाव बना रहे थे। इसका उन्हें अनुभव नहीं था। कोच ने यह भी कहा कि उनकी बात नहीं मानी तो उन्हें टीम से निकाल दिया जाएगा और गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। इसे लेकर क्रिस्टीस्ना ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो भी अपलोड किया था। इसके बाद एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा था कि मुझे अपनी सुरक्षा की चिंता है। मुझे लगता है कि वे लोग मुझे जेल में डाल देंगे।

क्रिस्टीस्ना ने ये भी कहा कि यह मामला अब ऊपरी लेवल तक पहुंच गया है, स्पोट्र्स मिनिस्ट्री के हाथ से निकल गया है। वहीं से उन्हें जेल में डालने का फैसला हुआ है। गौरतलब है कि बेलारूस में एलेक्जेंडर लुकाशेंको की सरकार है जिसे यूरोप का आखिरी तानाशाह भी कहा जाता है।