टोक्यो ओलंपिक में कल पुरुषों की फ्रीस्टाइल कुश्ती की 57 किलो वेट कैटेगरी में भारत के पहलवान रवि कुमार दहिया ने फाइनल के लिए क्वालीफाई कर इतिहास रचा है। हालांकि इस मुकाबले के अंतिम पलों में रवि कुमार दहिया के विपक्षी खिलाड़ी कजाकिस्तान के नूरिस्लाम सनायेवे ने उन्हें दांतों काट लिया। जिसके बाद इस घटना की कई तस्वीरें तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हुई और फैंस कजाकिस्तान के खिलाड़ी की खेल भावना पर सवाल उठा रहे हैं।

दरअसल नूरिस्लाम सनायेवे इस मुकाबले में ज्यादातर समय तक रवि दहिया पर हावी थे। लेकिन मैच के अंतिम पलों में रवि ने शानदार दांव लगाते हुए कजाकिस्तान के पहलवान को फ़ॉल डाउन करते हुए मैट पर चित्त कर दिया। हालांकि इस फ़ॉल डाउन के दौरान कजाकिस्तान के पहलवान की रवि को दांत काटने की ये शर्मनाक हरकत कैमरे में कैद हो गई। मैच के तुरंत बाद रवि रेफरी से इस बारे में शिकायत भी करते नजर आए। निश्चित तौर पर खेल के मैदान में इस तरह की घटनाएं चौकाने वाली हैं। लेकिन ये पहला मौका नहीं है जब खेल के मैदान में इस तरह की कोई शर्मनाक घटना हुई है। इस से पहले भी कई मुकाबलों के दौरान विश्व के कई नामचीन खिलाड़ियों को मैच के दौरान दांत कांटने की ऐसी शर्मनाक हरकत करते देखा गया है। आइये जानते हैं इससे पहले कब कब इस तरह की घटनाएं हुई हैं—
भारतीय पहलवान सुशील कुमार ने 2012 के लंदन ओलंपिक में पुरुषों के फ्रीस्टाइल कुश्ती के 66 किलो वेट कैटेगरी के सेमीफाइनल के दौरान कजाखिस्तान के पहलवान अखजुरेख तनात्रोव के कान पर काटा था। हालांकि सुशील पर इसके लिए कोई कार्रवाई नहीं हुई और वो ये मुकाबला जीतकर फाइनल में पहुंचे थे। सुशील ने इन ओलंपिक खेलों में सिल्वर मेडल अपने नाम किया था।

बॉक्सिंग में अपनी आक्रामकता के लिए मशहूर माइक टायसन ने भी 1997 में ऐसी ही एक हरकत की थी जिसके लिए उन्हें बड़ा खामियाजा चुकाना पड़ा था। खुद को विश्व का सर्वश्रेष्ठ मुक्केबाज साबित करने के लिए हुए इस मैच में टायसन ने इवांडर होलीफील्ड का कान काट दिया था। उनकी इस हरकत के लिए टायसन को इस मैच से निलंबित कर दिया गया था और होलीफील्ड को विजेता घोषित किया गया था। साथ ही इसके चलते टायसन का बॉक्सिंग का लाइसेंस भी छीन लिया गया था।

लुइस सुआरेज उरुग्वे के फुटबालर हैं। 2014 विश्व कप में इटली के खिलाफ मुकाबले के दौरान सुआरेज ने इटली के खिलाड़ी जॉर्जियो को काटा था। जिसके बाद फीफा ने उन पर 9 मैच का प्रतिबंध लगाया था।

2006 फुटबाल वर्ल्ड कप के फाइनल में फ्रांस के फुटबॉलर जिनेदिन जिदान ने इटली के खिलाड़ी को अपने सिर से मारा था। जिसके बाद रेफरी ने उन्हें रेड कार्ड दिखाकर खेल से बाहर निकाल दिया था।