अरब देशों में रहने वाले एक भारतीय मूल के बिजनेसमैन ने टोक्यो ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली भारतीय मेंस हॉकी टीम के गोलकीपर पीआर श्रीजेश पर पैसों की बरसात कर दी है। इस सेठ ने श्रीजेश को 1 करोड़ रुपये इनाम देने की घोषणा की है। भारतीय मेंस हॉकी टीम ने 41 साल बाद ओलंपिक में कोई मेडल अपने नाम किया है और भारत की इस जीत में गोलकीपर श्रीजेश का बड़ा हाथ रहा। ब्रॉन्ज मेडल के लिए खेले गए मैच में भारतीय मेंस हॉकी टीम ने जर्मनी को 5-4 से हराया था। आखिरी पलों में जर्मनी को पेनल्टी कॉर्नर मिला था, जिस पर उनके पास बराबरी का गोल दागने का मौका था, लेकिन श्रीजेश ने शानदार सेव कर भारत को यह ऐतिहासिक जीत दिलाई।

वीपीएस हेल्थकेयर के चेयरमैन और मैनजिंग डायरेक्टर डॉ. शमशीर वायालिल ने कहा, 'हम उनके योगदान की सराहना करते हैं और हमें उनके लिए 1 करोड़ रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा करते हुए प्रसन्नता हो रही है।' भारतीय मेंस और विमेंस हॉकी टीमें टोक्यो से आज शाम 5:15 बजे दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंड करेंगीं। भारत एक गोल्ड, दो सिल्वर और चार ब्रॉन्ज मेडल के साथ प्वॉइंट टेबल में 48वें नंबर पर रहा। ओलंपिक खेलों में यह भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी है। इससे पहले लंदन ओलंपिक में भारत ने कुल छह मेडल (दो सिल्वर और चार ब्रॉन्ज) जीते थे।

भारत की ओर से जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने गोल्ड मेडल अपने नाम किया, जो एथलेटिक्स में भारत की ओर से पहला ओलंपिक मेडल भी है। भारत के लिए वेटलिफ्टर मीराबाई चानू और रेसलर रवि दहिया ने सिल्वर मेडल जीते जबकि मेंस हॉकी टीम, रेसलर बजरंग पूनिया, बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु और महिला बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए।