खेल जगत को तगड़ा झटका लग सकता है क्योंकि Tokyo Games रद्द हो सकते हैं इसको लेकर जापानी अधिकारियों ने बड़ा बयान दिया है। जापान की सत्तारूढ़ ‘लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी’ (एलडीपी) के 2 शीर्ष अधिकारियों ने कहा कि तोक्यो ओलिंपिक में आमूल-चूल बदलाव हो सकते हैं। एक ने तो यहां तक सुझाव दे दिया कि इन्हें अब भी रद्द किया जा सकता है और दूसरे ने कहा कि अगर वे इसे आयोजित भी करते हैं तो इसका आयोजन दर्शकों के बिना हो सकता है। एलडीपी के महासचिव तोशिहिरो निकाई ने बुधवार को तोक्यो ओलिंपिक के लिए 100 दिन की उलटी गिनती शुरू होने के एक दिन बाद ही यह रद्द होने का सुझाव दिया।

उन्होंने यह टिप्पणी जापान के टीबीएस टीवी द्वारा रेकॉर्ड किए गए शो में की। निकाई ने कहा, ‘अगर खेलों को आयोजित करना असंभव दिखता है तो इन्हें निश्चित रूप से रद्द किया जाना चाहिए।’ उन्होंने कहा, ‘अगर ओलिंपिक की वजह से संक्रमितों की संख्या में बढ़ोतरी होती है तो ओलिंपिक कराने का कोई मतलब नहीं होगा।’ यह पूछने पर कि क्या रद्द किया जाना अब भी एक विकल्प है तो निकाई ने कहा, ‘निश्चित रूप से।’

लेकिन उन्होंने साथ ही यह भी कहा, ‘जापान के लिए सफल ओलिंपिक करना महत्वपूर्ण है। यह एक बड़ा मौका है। मैं इन्हें सफल बनाना चाहता हूं। हमें कई मुद्दों का निपटारा करके तैयारी करनी होगी और यह अहम है कि हम एक एक करके इन्हें देखें।’ जापान में कोविड-19 के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। बुधवार को ओसाका में 1,100 नए मामले रेकॉर्ड किए गए और ए जनवरी के बाद से यहां सबसे ज्यादा मामले हैं।

जापान में 4,000 से ज्यादा नए मामले सामने आए हैं जो साल के शुरुआत के बाद सबसे ज्यादा हैं। जापान में कोविड-19 से 9,500 मौत हो चुकी हैं जो दुनिया भर की संख्या को देखते हुए इतनी ज्यादा नहीं हैं लेकिन एशिया में काफी खराब हैं। जापान में टीकाकरण अभियान के प्रभारी सरकारी मंत्री तारो कोनो ने कहा कि अगर ओलिंपिक होते भी हैं तो शायद स्टेडियमों में दर्शक मौजूद नहीं हों।

उन्होंने कहा कि संभावना है कि ओलिंपिक का आयोजन खाली स्टेडियमों में किया जाए, विशेषकर अगर पूरे देश में पॉजिटिव मामलों की संख्या बढ़ती है तो। इसका मतलब है कि केवल टीवी कैमरा और ‘स्टिल’ कैमरा ही प्रतिस्पर्धाओं को रेकॉर्ड करेंगे जिसमें कुछ रिपोर्टर, जज और मैच अधिकारी शामिल होंगे। स्थगित हुए 2020 ओलिंपिक तीन महीने बाद 23 जुलाई से शुरू होने हैं जबकि पैरालिंपिक का आयोजन 24 अगस्त से किया जाएगा।

विदेशों से खेल प्रेमियों को पहले ही प्रतिबंधित किया जा चुका है। अब देश में वायरस से संक्रमित मामले बढ़ने से जापानी दर्शकों को भी दूर रखा जा सकता है। कोनो ने गुरूवार को टीवी ‘टॉक शो’ पर कहा, ‘मुझे लगता है कि अब सवाल यह है कि ओलिंपिक का आयोजन किस तरह किया जाए जो इस तरह की स्थिति में संभव हो।’ उन्होंने कहा, ‘इसका मतलब यह भी हो सकता है कि इन्हें देखने के लिए कोई भी दर्शक मौजूद नहीं हो।’

कोनो ने हालांकि यह नहीं कहा कि ओलिंपिक का आयोजन नहीं किया जाएगा लेकिन उन्होंने कहा कि इनका आयोजन केवल ‘निश्चित परिस्थितियों’ में ही किया जा सकता है। उन्होंने कहा, ‘इन ओलिंपिक का आएाजन जिस तरह से किया जाएगा, वह बीते ओलिंपिक के आयोजन से काफी अलग तरह का होगा।’ तोक्यो ओलिंपिक के आयोजक कह चुके हैं कि वे प्रत्एक स्थल में प्रवेश करने के लिए दर्शकों की संख्या पर फैसले की घोषणा इस महीने करेंगे।