14 फरवरी को पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद से ही पाकिस्तान महंगाई की मार झेल रहा है। पुलवामा में हुए आतंकवादी हमले में जहां भारत के 40 जवान शहीद हो गए थे, वहीं इस हमले से पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति काफी बिगड़ गई है। मोस्ट फेवर्ड नेशन (MFN) का दर्जा छीनने से और भारत द्वारा पाकिस्तान से आयात होने वाले सभी सामानों पर सीमा शुल्क 200 फीसदी बढ़ाने से पड़ोसी मुल्क को झटका लगा था। भारत के इस कदम के बाद से ही पाकिस्तान में टमाटर के भाव बहुत बढ़ गए थे। सिर्फ टमाटर ही नहीं, बल्कि दूध की कीमतों में भी काफी इजाफा हुआ था। अब जनता पर महंगे पेट्रोल और डीजल की मार पड़ रही है।

दरअसल पाकिस्तान की आर्थिक समन्वय समिति (ECC) ने पेट्रोल की कीमतों में नौ रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की घोषणा की है। पाकिस्तान में एक लीटर पेट्रोल की कीमत पहले 99 रुपये थी और अब यह बढ़कर 108 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गई है। वहीं डीजल की बात करें तो एक लीटर डीजल के दाम में 4.89 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी हुई है। इसके साथ ही केरोसिन के दामों में 7.46 रुपये प्रति लीटर तक की प्रस्तावित वृद्धि को मंजूरी दे दी गई है। पाकिस्तान में एक लीटर दूध की कीमत 180 रुपये तक पहुंच गई थी। वहीं टमाटर का भाव 100 रुपये प्रति किलो हो गया था।

बता दें कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में हो रहे इजाफे की वजह से बढ़ोतरी का ये फैसला लिया गया। ऑयल एंड गैस रेगुलेटरी अथॉरिटी ने पेट्रोल की कीमतों में 14 रुपये प्रति लीटर तक की वृद्धि करने की सिफारिश की थी। हालांकि ऐसा नहीं हुआ। पड़ोसी मुल्क के प्रधानमंत्री इमरान खान ने इस मामले को आर्थिक समन्वय समिति (ईसीसी) के पास भेजा था, जिसके बाद नौ रुपये की बढ़ोतरी का फैसला लिया गया।  दिवालिया होने की कगार पर खड़े पाकिस्तान की हालत लगातार कमजोर होती जा रही है। हाल ही में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से आर्थिक मदद के लिए बातचीत जारी रहने के बीच इमरान खान सरकार ने अपने दो बड़े अधिकारियों को पद से हटा दिया था। इमरान सरकार ने पाकिस्तान की केंद्रीय बैंक, स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान के गवर्नर को पद से हटा दिया था। इसके साथ ही सरकार ने फेडरल बोर्ड ऑफ रेवेन्यू को भी कार्यमुक्त कर दिया था। हालांकि इस बारे में अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। 

पाकिस्तान पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। वहीं विदेशी भुगतान के लिए धन की कमी से जूझ रहे पाकिस्तान ने राहत पैकेज के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के प्रतिनिधिमंडल के साथ तकनीकी रूप की चर्चा शुरू की है। बैंक के प्रतिनिधियों और पाकिस्तान के अधिकारियों के बीच यह वार्ता करीब एक सप्ताह तक चलेगी। आईएमएफ से पाकिस्तान लगभग आठ अरब डॉलर के कोश की मांग कर रहा है। पाकिस्तान भुगतान संतुलन के संकट से जूझ रहा है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था के डगमगाने का खतरा है। आईएमएफ की तकनीकि टीम सोमवार को इस्लामाबाद पहुंची थी। यह टीम पाकिस्तान को 800 करोड़ डॉलर की मदद देने पर विचार करने के लिए आई है। हालांकि पाकिस्तान को चीन सहित मित्र देशों से 910 करोड़ डॉलर की मदद मिल चुकी है।