पाकिस्तान में इमरान खान की पीटीआई सरकार गिरने के कुछ ही दिन बाद तेल एवं गैस नियामक प्राधिकरण (ओगरा) ने पेट्रोलियम उत्पादों में 120 पाकिस्तानी रुपए तक की रिकॉर्ड बढ़ोतरी का सुझाव दिया है, जो शनिवार से प्रभावी होगा। 

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ओगरा ने गुरुवार को 83 प्रतिशत से भी ज्यादा की बढ़ोतरी का सुझाव पूर्ण आयात लागत, विनिमय दर हानि और अधिकतम कर वसूलने के लिए दिया। उल्लेखनीय है कि महंगाई भी खान की सरकार गिरने के कारणों में से एक थी। ओगरा और पेट्रोलियम डिवीजन में उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि सरकार को 15 अप्रैल को होने वाली अगले पखवाड़े की समीक्षा के लिए मूल्य वृद्धि के दो विकल्प दिये गये थे, और दोनों ही विकल्पों में अभूतपूर्व मूल्य वृद्धि होनी थी। 

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प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को यह फैसला करना है कि इमरान सरकार द्वारा 28 फरवरी को कीमतों पर लगाई गयी चार-माह (30 जून तक) की रोक समाप्त होगी या नहीं। जानकार सूत्रों ने बताया कि कीमतों पर रोक जारी रहेगी। ओगरा ने कहा कि दोनों विकल्पों पर पीटीआई सरकार के 24 अगस्त, 2020 के नीति दिशानिर्देश के तहत काम किया गया था। पीटीआई सरकार ने मार्च के लिए तेल विपणन कंपनियों को भुगतान हेतु 31 अरब रुपये से थोड़ा अधिक की मंजूरी दी थी, लेकिन अप्रैल के पहले पखवाड़े के लिए 34 अरब रुपये की राशि अब तक बजट में न तो स्वीकार की गई है और न ही आवंटित की गई है।