कृषि कानूनों के खिलाफ आज किसानों भारत बंद कर दिया है। दिल्ली हाइवे पर कई महीनों से लड़ रहे किसानों दूसरी बार भारत बंद किया है। केंद्र के तीन कृषि कानूनों के विरोध में बुलाया किसानों का भारत बंद शुरू हो गया है। किसानों अलग-अलग हाइवे पर चक्का जाम करने की तैयारी कर ली है। बता दें कि गाजीपुर बॉर्डर पर वाहनों के आने-जाने पर रोक लगा दी है तो वहीं किसानों ने पंजाब-हरियाणा के बीच शंभु बॉर्डर को जाम कर दिया है।
तीन कृषि कानूनों के अधिनियमन की पहली वर्षगांठ के अवसर पर किसान संघों के गठबंधन संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) द्वारा बुलाया गया भारत बंद सोमवार को सुबह 6 बजे शुरू हुआ है। इस आंदोलन में किसानों के भारत बंद को कांग्रेस, लेफ्ट पार्टियां, आरजेडी, बीएसपी और एसपी सहित देश की लगभग हर विपक्षी पार्टी ने समर्थन देने का ऐलान पहले ही कर दिया है।
भारत बंद-

किसान नेता राकेश टिकैत ने भारत बंद को लेकर कहा कि कुछ भी सील नहीं किया गया है। एंबुलेंस, डॉक्टरों सहित सभी आपातकाली सुविधाएं जारी रहेंगी। हम सिर्फ संदेश देना चाहते हैं।
दिल्ली मेट्रो ने पंडित श्री राम शर्मा स्टेशन के एंट्री-एग्जिट को बंद किया।

दिल्ली-अमृतसर नेशनल हाइवे को किसानों ने किया जाम।

किसानों ने शंभु बॉर्डर पर लगाया जाम।

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर

किसानों के भारत बंद की पूरी तैयारी के इस बीच केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने एक बार फिर कहा कि " मैं किसानों से आग्रह करता हूं कि वे आंदोलन छोड़कर वार्ता का रास्ता अपनाएं "। तोमर ने कहा कि "सरकार किसानों की ओर से बताई गई आपत्ति पर विचार करने के लिए तैयार है। इससे पहले भी कई बार बात हो चुकी है। इसके बाद भी उन्हें लगता है कि कोई बात बची है तो सरकार उस पर जरूर बात करेगी "।

यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ट्वीट किया, '' भाजपा सरकार के काले कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलित किसानों के द्वारा कल बुलाए गए भारत बंद का समाजवादी पार्टी पूर्ण समर्थन करती है। किसान विरोधी काले कानूनों को वापस ले सरकार ''