नारायणा अस्पताल, गुरुग्राम के सीनियर कंसल्टेंट, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी डॉक्टर कौशल यादव का मानना है कि तम्बाकू के सेवन करने वाले लोगों में कोविड संक्रमण का खतरा ज्यादा है। डॉ. यादव ने कहा, डब्ल्यूएचओ के अनुसार विश्व में हर वर्ष लगभग 80 लाख से से अधिक लोगों की मृत्यु तम्बाकू के सेवन से होती है, साथ ही तम्बाकू 25 फीसदी कैंसर सम्बंधित मौतों के लिए जिम्मेदार है। 

डब्ल्यूएचओ यह भी कहता है कि धूम्रपान करने वाले लोगों में कोविड-19 की गंभीरता और मृत्यु की आशंका विकसित करने का 40 से 50 प्रतिशत अधिक जोखिम होता है। कोविड-19 संक्रमण और तम्बाकू के सेवन का वैसे तो आपस में सीधा कोई संबंध नहीं है लेकिन जाहिर तौर पर एक धूम्रपान करने वाले व्यक्ति के फेफड़ों को पहले से ही श्वसन संबंधी बीमारियों का खतरा होता है, ऐसे में कोविड संक्रमण इन लोगों के लिए अतिरिक्त रूप से खतरनाक साबित हो सकता है। 

डॉ. कौशल ने कहा, जो लोग सक्रिय रूप से धूम्रपान या तम्बाकू का किसी भी रूप में सेवन कर रहे हैं, उनके लिए हमारी तरफ से यही सन्देश है कि उन्हें निश्चित ही इस आदत को छोड़ देना चाहिए, क्योंकि वे खुद के लिए कैंसर समेत अन्य बहुत से रोगों का जोखिम तो बढ़ाता है ही साथ ही सेकंड हैण्ड स्मोकिंग के रूप में उसके आस पास के लिए भी इसका धुंआ जोखिम खड़े करते हैं।