कोकराझाड़। कोकराझाड़ में आयोजित तीन दिवसीय असम सत्र महासभा के दूसरे दिन शनिवार को सत्राधिकार समारोह में मुख्य अतिधि के रूप में भाग लेते हुए मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने कहा कि असम को विकास के पथ पर ले जाने के लिए हमें कठोर परिश्रम करना होगा। श्रीमंत शंकरदेव के आदर्श पर चलकर हमें एक समृद्ध असम तैयार करना होगा तभी हम असम को विकास के राह पर ले जा पाएंगे ।

उन्होंने कहा कि असम को शांति तथा विकास के पथ पर ले जाने के लिए हम सभी अप्रवासियों को विभिन्न जाति- समुदायों को एक साथ मिलकर रहना होगा। पुरे असम को इम मर्यादा प्रदान करना चाहते हैं इसके लिए हम विभिन्न प्रकार की योजना बना रहे हैं। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे असम का प्रत्येक किसान और श्रमिक परिवार शक्तिशाली हो इसके लिए हम काम कर रहे हैं। आने वाले दिनों में असम के अर्थनैतिक स्थिति सुदृढ़ करने के लिए हमारी सरकार काम कर रही है और हमें  विश्वास है कि असम के जनता हमारा सहयोग करेगी ।

उन्होंने कहा कि असम प्राकृतिक रूप से बहुत ही संपन्न है यहां पर प्राकृतिक संपदा बहुत है। यहां निवेश करने की पार संभावनाओं को देखते हुए हमने देश-विदेश के निवेशकों को आमंत्रित किया है। यहां पर हम उद्योग लगाएंगे लेकिन इस बात का ध्यान हमें रखना होगा कि यहां का पर्यावरण नष्ट न हो इसके लिए इम वृक्षारोपण का कार्यक्रम कर रहे हैं ताकि असम का प्राकृतिक सौंदर्य नष्ट न हो। 

बीटीएडी को लेकर उन्होंने कहा कि एक समय असम का यह इलाका अशांत था, जब से बीटीसी का गठन हुआ है, हाग्रामा मोहिलारी के नेतृत्व में यहां  पर शांति तथा विकास का माहोल बना है। जिसके कारण आज यहाँ पर असम सत्र महासभा का आयोजन संभव हो पाया है।