तृणमूल कांग्रेस से भाजपा में आए सांसद सुनील मंडल को शनिवार को उस वक्त पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ दल के कार्यकर्ताओं के विरोध का सामना करना पड़ा जब वह यहां भाजपा के एक कार्यालय जा रहे थे। पुलिस ने बताया कि घटना उस समय घटी जब मंडल हैस्टिंग्स में भाजपा के दफ्तर जा रहे थे।

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और पश्चिम बंगाल के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने इस घटना के बारे में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी जानकारी दी। पार्टी कार्यालय में भीड़ को संबोधित करते हुए विजयवर्गीय ने कहा, आज टीएमसी के कार्यकर्ताओं ने सुनील मंडल की कार पर हमला किया, जो कि एक सांसद हैं। मैंने इस बारे में केंद्रीय गृह मंत्री को बता दिया है। वहीं, भाजपा सांसद अर्जुन सिंह ने आरोप लगाया कि एक कार्यक्रम में भाग ले रहे कुछ तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनकी कार रोकी। वे उन्हें दफ्तर जाने से रोकने के लिए सड़क पर बैठ गए। उन्होंने मंडल की कार पर पत्थर भी चलाए। उन्होंने कहा कि इसके बाद तृणमूल कार्यकर्ताओं और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली जिसके बाद मंडल को की कार वहां से निकल सकी। मंडल ने कहा, इससे तृणमूल का असली रंग सामने आ गया। वे किसी भी लोकतांत्रिक नियम को नहीं मानते। जन प्रतिनिधि से क्या इस तरह का बर्ताव किया जाता है? शुभेंदु अधिकारी और तृणमूल के पांच विधायकों के साथ मंडल 19 दिसंबर को भाजपा में शामिल हुए थे। तृणमूल ने इस घटना को दल-बदलुओं के खिलाफ लोगों का आक्रोश बताया। तृणमूल सांसद सौगत रॉय ने कहा, यह दल-बदलुओं के खिलाफ लोगों का आक्रोश था और विरोध प्रदर्शन अचानक शुरू हुआ।