नारदा स्टिंग ऑपरेशन मामले में सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किए गए तृणमूल कांग्रेस के नेताओं और मंत्रियों की रिहाई की मांग को लेकर शहर के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन और हिंसा भडकऩे के बाद राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से कहा कि वह ‘संवैधानिक मानदंड’ और ‘कानून के शासन’ पालन करें। धनखड़ ने कोलकाता पुलिस को शहर में कानून-व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भी कहा।

राज्यपाल ने सोमवार सुबह निजाम पैलेस में सीबीआई क्षेत्रीय कार्यालय के गेट के सामने हिंसा भडकऩे के बाद ट्वीट किया, ‘‘खतरनाक स्थिति के बारे में चिंतित हूं। ममता के अधिकारियों से संवैधानिक मानदंडों और कानून के शासन का पालन करने के लिए आह्वान करें। पश्चिम बंगाल पुलिस, कोलकाता पुलिस, होम बंगाल को कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी कदम उठाने चाहिए। दुखद! अधिकारियों द्वारा स्थिति को बिना किसी ठोस कार्रवाई के बिगडऩे दिया जा रहा है।’’

राज्यपाल मुख्यमंत्री की ओर इशारा कर रहे थे जो नारदा स्टिंग ऑपरेशन मामले में दो मंत्रियों फिरहाद हकीम और सुब्रत मुखर्जी, एक विधायक मदन मित्रा और पूर्व पूर्व महापौर सोवन चटर्जी की गिरफ्तारी के कुछ मिनट बाद सीबीआई दफ्तर पहुंच गई थीं। स्टिंग ऑपरेशन में चार टीएमसी नेताओं के साथ और एक पुलिस अधिकारी पैसे लेते दिखा था। साल 2016 में पिछले विधानसभा चुनाव से ठीक पहले रिश्वत मामले ने राज्य की राजनीति को हिलाकर रख दिया था। शहर की सडक़ों पर भडक़ी हिंसा पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए तृणमूल समर्थक केंद्रीय बलों के साथ भिड़ गए। राज्यपाल ने लिखा, ‘‘ममता के अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकृष्ट करता हूं कि चैनलों पर और सार्वजनिक डोमेन में मैंने सीबीआई कार्यालय में आगजनी और पथराव देखा। दयनीय है कि कोलकाता पुलिस और पश्चिम बंगाल पुलिस सिर्फ दर्शक बनी रही। आपसे अपील है कि कार्रवाई करें और कानून-व्यवस्था बहाल करें।’’

उन्होंने कहा, ‘‘पूरी तरह से अराजकता और अराजकता। पुलिस और प्रशासन मौन मोड में है। आशा है कि आप इस तरह की अराजकता और संवैधानिक तंत्र की विफलता के नतीजों को महसूस करेंगे। इस विस्फोटक स्थिति को प्रतिबिंबित करने और उस पर काबू पाने का समय है। स्थिति मिनट दर मिनट बिगड़ती जा रही है।’’ सीबीआई ने 2016 के नारदा स्टिंग ऑपरेशन मामले में सुब्रत मुखर्जी, फिरहाद हकीम, मदन मित्रा और सोवन चटर्जी को सोमवार को गिरफ्तार किया। टीएमसी के एक सूत्र ने आईएएनएस को बताया कि ममता बनर्जी निजाम पैलेस स्थित सीबीआई के कार्यालय पहुंचीं, जहां चारों को रखा गया था और उन्हें भी गिरफ्तार करने की मांग की गई थी। गिरफ्तारी के विरोध में टीएमसी कार्यकर्ता और समर्थक सडक़ों पर उतर आए।

नारदा स्टिंग मामला 2016 का है और इसमें कई हाई-प्रोफाइल टीएमसी नेताओं को फर्जी कंपनियों के लिए कैमरे के सामने पैसे लेते हुए दिखाया गया है। स्टिंग ऑपरेशन करवाने वाले शख्स मैथ्यू सैमुअल ने गिरफ्तार किए गए लोगों के अलावा, विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी और भाजपा नेता मुकुल रॉय का नाम भी दर्ज कराया था। हाकिम और मुखर्जी दोनों ममता बनर्जी के मंत्रिमंडल में मंत्री हैं। शारदा कांड में कथित भूमिका के लिए विधानसभा के सदस्य मित्रा को पहले भी गिरफ्तार किया जा चुका है। सोवन चटर्जी भाजपा में शामिल हो गए, लेकिन हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी के टिकट से वंचित होने पर उन्होंने इस्तीफा दे दिया।