तृणमूल कांग्रेस नेता और पूर्व नगर पार्षद पन्ना देब को रविवार को उनके अगरतला स्थित आवास से गिरफ्तार किया गया। उन पर अपनी भतीजी को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है। पुलिस ने उन्हें रविवार को कोर्ट के सामने पेश किया, जहां से उन्हें तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।  देब की भतीजी राजश्री (35) शुक्रवार को इंद्रनगर में संयुक्त परिवार के आवास पर मृत पाई गई थी। वह शारीरिक और मानसिक रूप से विकलांग थी और पन्ना देब की देखरेख में थी।

मृतक युवती कथित तौर पर पिछले 14 वर्षों से मानसिक विकार से पीड़ित थी और टीएमसी नेता की करीबी रिश्तेदार थी। वह अपनी मां के साथ देब के घर में रह रही थी। कई साल पहले पीड़िता के पिता का गायब होना एक रहस्य बना हुआ है। पुलिस के मुताबिक युवती ने आत्महत्या करने से पहले एक सुसाइड नोट छोड़ा, जिसमें उसने पन्ना देब का नाम दिया और उन पर उसे प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। उसने लिखा कि असहनीय यातना के कारण उसे यह कदम उठाने के लिए मजबूर किया गया था।

पत्रकारों से बात करते हुए पूर्वी अगरतला महिला पुलिस स्टेशन प्रभारी (ओसी) परोमिता साहा ने कहा कि हमने पन्ना देब को एक सुसाइड नोट के आधार पर गिरफ्तार किया है, जिसमें उसका नाम था। हालांकि, राजश्री के परिवार ने कहा कि महिला मानसिक रूप से विक्षिप्त थी और उन्हें टीएमसी नेता के खिलाफ कोई शिकायत नहीं है। करीब तीन दशक तक कांग्रेस से जुड़े रहने के बाद पन्ना देब हाल ही में टीएमसी में शामिल हुईं थीं। 

टीएमसी में शामिल होने के लिए कांग्रेस छोड़ने वाले सुबल भौमिक ने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी और नेता राज्य में चौतरफा हमलों का सामना कर रहे हैं और पन्ना देब की गिरफ्तारी राजनीति से प्रेरित है। उन्हें फंसाया जा रहा है। सत्तारूढ़ भाजपा नेताओं ने इस मुद्दे पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।