ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे बसा काज़ीरंगा नेशनल पार्क हर साल भयानक बाढ़ का सितम झेलता है. इस साल भी इस खूबसूरत जंगल में कुछ ऐसा ही मंजर दिखा, जब बाढ़ में सैंकड़ों जानवर डूब गए और उनके घर उजड़ गए. इसका सबसे बुरा असर पड़ा काजीरंगा की शान कहे जाने वाले गैंडों पर। 

'टीपू' इसी बाढ़ में अपनी मां से बिछड़ गया और पानी में फंस गया. लेकिन उसने हार नहीं मानी और जीने के लिए लगातार लड़ता रहा. कुछ दिन बाद जानवरों को बचाने में जुटी टीम के एक बचावकर्मी की नजर नन्हे गैंडे पर पड़ी जिसने उसे किसी तरह बचा लिया।

उसे बचावकर्मी अपने साथ रेस्क्यू सेंटर ले आया जहां बाकी गैंडों का भी रख रखाव हो रहा था. टीपू लगभग एक हफ्ते आईसीयू में रहा. लेकिन कुछ वक्त बाद उसकी हालत ठीक हो गई।