ऐपल सीईओ टिम कुक ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा है कि iOS के मुकाबले एंड्रॉयड में 47 गुना मैलवेयर आते हैं। इसी के साथ ही टिम कुक ने एंड्रॉयड पर जबरदस्त हमला बोला है। VivaTech कॉन्फ्रेंस के दौरान एक इंटरव्यू ने टिम के दौरान एंड्रॉयड के बारे में ये बाते कहीं हैं। ये इंटरव्यू आधे घंटे का था और टिम कुक ने यहां ऐपल के प्राइवेसी कमिटमेंट से लेकर ऑग्मेंटेड रियलिटी के बारे में भी बात की है।

टिम कुक ने इस इंटरव्यू में ये भी बताया कि कैसे iOS एंड्रॉयड से अलग है। इस दौरान टिम कुक ये तक कह गए कि एंड्रॉयड में iOS के मुकाबले 47 टाइम्स ज्यादा मैलवेयर हैं। इसके अलावा उन्होंने ये भी बताया है कि कैसे ऐपल प्राइवेसी पर फोकस करता है।

टिम कुक ने बाताया कि ऐपल दशक से प्रोइवेसी पर फोकस कर रहा है। एंड्रॉयड डिस्कशन पर टिम कुक ने कहा है कि iPhone में किसी तरह की कोई साइडलोडिंग मुमकिन नहीं है। आपको बता दें कि जिस तरह एंड्रॉयड में थर्ड पार्टी ऐप स्टोर या वेबसाइट से एपीके फाइल लेकर सीधे ऐप इंस्टॉल कर सकते हैं, ऐसे आईफोन में नहीं होता है। टिम कुक का इशारा भी यही था।

बहरहाल टिम कुक ने कहा है कि ऐपल ने iOS को ऐसे तरीके से डिजाइन किया है कि कोई भी ऐप स्टोर के अलावा दूसरी जगह से ऐप इंस्टॉल नहीं किए जा सकते हैं। इसके अलावा ऐप स्टोर में आने से पहले सभी ऐप्स रिव्यू किए जाते हैं।

कहने को तो प्ले स्टोर पर ऐप्स रिव्यू के बाद ही आते हैं। गूगल हमेशा दावा करता है कि गूगल प्ले प्रोटेक्ट हर दिन लाखों ऐप्स को स्कैन करता है। जो भी ऐप गलत होते हैं या मैलवेयर वाले होते हैं उसे प्ले प्रोटेक्ट डिटेक्च करता है। लेकिन आए दिन प्ले स्टोर पर मैलेवेयर वाले ऐप्स मिलते ही रहते हैं। ऐप स्टोर में ऐसा कम देखने को मिलता है।

VivaTech कॉन्फ्रेंस की बात करें तो इसे यूरोप का सबसे बड़ा स्टार्टअप और टेक इवेंट बताया जा रहा है। इस इवेंट में पीएम मोदी ने भी हिस्सा लिया था। हालांकि कोरोना की वजह से फिजिकल प्रेजेंस नहीं हुई और कीनोट से इंटरव्यू तक सबकुछ वर्चुअल हुआ।