टिकटॉक में बग पायी गई है जिसकी वजह से इसके यूजर्स हैकर्स के निशाने पर आ गए हैं और उनका प्राइवेट डेटा खतरे में है। यह दावा साइबर रिसर्च फर्म चेक पॉइंट ने किया है। इस फर्म ने कहा है कि विडियो शेयरिंग एप टिक टॉक में बग है जिसकी वजह से यूजर्स का प्राइवेट डेटा हैकर्स के निशाने पर है। इस रिसर्च में बताया गया है कि टिक टॉक एप में बग के चलते यूजर्स को मैलिशस लिंक के साथ टेक्स्ट मेसेज करना संभव था। टिक टॉक भारत समेत दुनिया भर में तेजी से काफी पॉपुलर हुआ है।

हालांकि रिसर्च फर्म की रिपोर्ट सामने आने के बाद टिकटॉक ने इस बग को फिक्स कर लिया है। कंपनी के मुताबिक 15 दिसंबर को कंपनी ने यह बग फिक्स कर लिया है। इससे पहले भी इस तरह के कई मामले सामने आते रहे हैं।

इस बग के चलते हैकर्स यूजर्स को टेक्स्ट मेसेज के जरिए यूजर्स को मैलिशश लिंक भेजते हैं। इस लिंक पर क्लिक करने के बाद यूजर के अकाउंट को हैकर्स कंट्रोल कर सकते हैं। इसके बाद यूजर के अकाउंट से हैकर्स विडियो अपलोड कर सकते हैं और उनके प्राइवेट विडियोज को भी एक्सेस कर सकते हैं।

चीन का यह विडियो शेयरिंग एप युवाओं के बीच में खासतौर पर काफी पॉप्युलर है। युनाइटेड स्टेट्स में 60 फीसदी टिकटॉक यूजर्स की उम्र 16 से 24 साल के बीच है। यूएस में करीब 26.5 मिलियन मंथली ऐक्टिव टिकटॉक यूजर्स हैं।

साइबर रिसर्च फर्म ने यह कन्फर्म किया है कि ऐप के लेटेस्ट वर्जन में सभी बग्स को फिक्स कर लिया गया है। यानी यूजर्स को सेफ रहने के लिए अपना टिकटॉक ऐप अपडेट कर लेना चाहिए। इसके अलावा किसई भी अंजान लिंक पर क्लिक न करें इससे हैकर्स को आपके अकाउंट का एक्सेस मिल सकता है।

अब हम twitter पर भी उपलब्ध हैं। ताजा एवं बेहतरीन खबरों के लिए Follow करें हमारा पेज : https://twitter.com/dailynews360