पाकिस्‍तान में एक साल के भीतर ​चाइनीज वीडियो शेयरिंग एप टिकटॉक पर तीसरी बार बैन लगा दिया है। पाकिस्तान की एक अदालत ने टिकटॉक को सस्‍पेंड करने का आदेश दिया है। बीते साल अक्टूबर के बाद से यह तीसरा मौक है जब टिकटॉक पाकिस्तान में बैन हुआ है, लेकिन चीन से करीबी के चलते पाकिस्तान सरकार हर बार कुछ ही दिनों में इससे बैन हटा देती है। तीन महीने पहले ही इस एप से सरकार ने प्रतिबंध हटाया था। 

इस बार सिंध हाई कोर्ट ने एक पाकिस्‍तानी नागरिक की याचिका पर सुनवाई करते हुए टिकटॉक पर बैन लगा दिया है। याचिका में आरोप लगाया गया था कि टिकटॉक एप देश में अनैतिकता और अश्लीलता को बढ़ावा दे रहा है। पंजाब प्रांत के रहने वाले अली जेब ने अदालत में अपील की थी कि TikTok की वजह से समाज में अश्लीलता बढ़ रही है। कोर्ट के फिलहाल पाकिस्‍तान टेलिकम्‍यूनिकेशन ऑथरिटी (पीटीए) को 8 जुलाई तक के लिए इस एप को सस्‍पेंड करने का आदेश दिया है। इसी दिन इस मामले की अगली सुनवाई भी होनी है। 

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि एप कंपनी पाकिस्‍तान के नियम और कानूनों की न तो कोई इज्‍जत कर रही है और न ही इनका पालन कर रही है। कंपनी दोनों ही चीजों के पालन में पूरी तरह से विफल रही है। कंपनी इस्‍लाम और पाकिस्‍तान की संस्‍कृति को समझने में भी पूरी तरह से विफल रही है। बता दें कि पाकिस्तान में टिकटॉक के 30 मिलियन यानी 3 करोड़ यूजर हैं।  टिकटॉक पर पाकिस्तान में इसी साल मार्च में भी बैन लग चुका है। पेशावर हाई कोर्ट ने पीटीए को इस टिकटॉक एप को समाज में अश्‍लीलता फैलाने के आरोप में प्रतिबंधित करने का आदेश सुनाया था। कोर्ट ये ये आदेश में इस एप के खिलाफ दायर एक याचिका पर सुनाया था। इससे पहले पिछले वर्ष अक्‍टूबर में भी पाकिस्‍तान में इस एप को कुछ दिनों के लिए गलत कंटेंट प्रसारित करने के आरोप में बंद कर दिया गया था। हालांकि बाद में पीटीए ने एप कंपनी को चेतावनी देकर इसकी दोबारा शुरुआत करने की मंजूरी दे दी थी।