मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह मणिपुर में लगातार विद्रोहियों के निशाने पर रहे हैं और उन पर कई बार जानलेवा हमले भी हो चुके हैं। 2006 और 2008 और 2016 में उनको मारने की कोशिश की जा चुकी है लेकिन हमलावर कामयाब नहीं हो सके। विद्रोहियों के निशाने पर रहने वाले इबोबी जनता पर मजबूत पकड़ रखते हैं।


साल 2016 में अक्टूबर महीने इबोबी सिंह संदिग्ध उग्रवादियों की गोलीबारी में बाल-बाल बच गए थे। यह गोलीबारी उस समय की गई जब पूर्व मुख्यमंत्री इबोबी सिंह उखरूल हेलीपैड पर अपने हेलिकॉप्टर से बाहर निकले। उग्रवादियों द्वारा की गई गोलीबारी में मणिपुर राइफल का एक जवान घायल हो गया था।

इसके बाद ततकालीन मुख्यमंत्री को अपना कार्यक्रम रद्द करना पड़ा था और वे मणिपुर की राजधानी इंफाल वापस लौट गए जहां पर उन्होंने कैबिनेट की एक आपात बैठक बुलाई थी। उखरूल जिले के हुनफुंग और चिनगई गांव में मुख्यमंत्री के कई कार्यक्रम थे। हुनफुंग में इबोबी को एक बिजली सब स्टेशन के अलावा 100 बिस्तरों वाले उखरूल जिला अस्पताल का उद्घाटन करना था।


70 वर्षीय इबोबी का आज जन्म दिन है। वे आर्थिक तौर पर एक कमजोर परिवार में पैदा हुए। मणिपुर के थौबल जिले में पैदा हुए इबोबी वह अपने आठ भाई-बहनों में सबसे बड़े हैं। बचपन में मुश्किलों के बावजूद इन्होने इम्फाल के डी एम कॉलेज से स्नातक की डिग्री प्राप्त की, बाद में उन्होंने राजनीति का रुख किया और कांग्रेस में आ गए।


2002 के विधानसभा चुनावों में जीत के बाद उन्हें कांग्रेस विधायक दल का नेता चुना गया और वो मुख्यमंत्री बने जिसके बाद से लगातार तीन बार वो मुख्यमंत्री बन चुके हैं।