जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में बुधवार तड़के घेराबंदी एवं तलाश अभियान के दौरान सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में जैश ए मोहम्मद के शीर्ष कमांडर समेत तीन आतंकवादी मारे गये। इसके साथ ही पुलवामा में पिछले 24 घंटों के दौरान दो अलग-अलग मुठभेड़ में पांच आतंकवादी मारे जा चुके हैं। इस बीच पुलवामा में सुरक्षा कारणों से मंगलवार से ही सभी इंटरनेट सेवाओं को स्थगित कर दिया गया है।


कश्मीर के पुलिस महानिरीक्षक विजय कुमार ने पाकिस्तान के मुल्तान निवासी जैश कमांडर, जिसकी पहचान अब्दुल रहमान उर्फ फौजी भाई के रूप में की गयी है, के मारे जाने को इस वर्ष सुरक्षा बलों की सबसे बड़ी उपलब्धि बताया है। कुमार ने आज यहां प्रेस कांफ्रेंस में कहा, 'फौजी भाई पुलवामा में हाल में एक वाहन में शक्तिशाली विस्फोटक रखने में शामिल था जिसे सुरक्षा बलों ने सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर दिया। शीर्ष कमांडर सुरक्षा बलों पर एक बड़ा हमला करने की योजना बना रहा था। उसकी मौत के साथ ही यह आशंका टाल दी गयी है।'


उन्होंने कहा, 'हिज्बुल मुजाहीदीन के कमांडर रियाज नायकू के मारे जाने के बाद फौजी भाई की मौत सुरक्षा बलों की इस वर्ष दूसरी सबसे बड़ी उपलब्धि है।'


पुलिस महानिरीक्षक ने कहा कि फौजी भाई वर्ष 2017 से ही दक्षिण कश्मीर में सक्रिय था। उसने अफगानिस्तान में भी कार्रवाई में भाग लिया था। उन्होंने कहा कि मुठभेड़ में मारे गये अन्य आतंकवादी स्थानीय हैं। उन्होंने कहा, 'हमने आतंकवादियों के संभावित माता-पिता से पुलिस नियंत्रण कक्ष में आकर इनकी पहचान करने को कहा है। उन्होंने कहा कि यदि वे इन आतंकवादियों की पहचान करते हैं तो वे बारामूला में इनको दफनाने के कार्यक्रम में शामिल हो सकेंगे।'


उन्होंने कहा कि यदि दोनों आतंकवादियों की पहचान नहीं होती है तो उन्हें बारामूला में दफना दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आतंकवादियों के पोस्टमार्टम और डीएनए नमूने एकत्र करने का काम किया जा रहा है। उन्होंने अभियान की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि आतंकवादियों की मौजूदगी की खुफिया सूचना मिलने पर राष्ट्रीय राइफल्स, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल और जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान समूह (एसओजी) के जवानों ने आज तड़के पुलवामा के कंगन इलाके में घेराबंदी एवं तलाश अभियान चलाया। उन्होंने बताया कि सुरक्षा बलों ने सभी निकास मार्गों को सील कर दिया और घर-घर में तलाशी शुरू की।


उन्होंने बताया कि सुरक्षा बलों के जवान जब गांव में एक लक्षित क्षेत्र की ओर बढ़ रहे थे, वहां छिपे आतंकवादियों ने उन पर अत्याधुनिक स्वचालित हथियारों से गोलीबारी शुरू कर दी। इसके बाद सुरक्षा बलों की ओर से जवाबी कार्रवाई के बाद मुठभेड़ शुरू हो गयी। कुमार ने कहा कि मुठभेड़ में तीन आतंकवादी मारे गये। तीनों आतंकवादी जैश ए मोहम्मद से ताल्लुक रखते थे। उनके पास से भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री, गोला-बारूद और हथियार बरामद किये गये हैं।