भारतीय वायुसेना को आज तीन और राफेल लड़ाकू विमान मिल रहे हैं जिनकी लैंडिंग अंबाला एयरबेस हो रही है। इससे पहले पांच राफेल विमानों का पहला बेड़ा 28 जुलाई को भारत पहुंचा था। इन्हें 10 सितंबर को भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया था। भारत ने फ्रांस से 36 राफेल विमान खरीदने का करार किया है।

फिलहाल, 3 तीन नए लड़ाकू विमानों की लैंडिंग के साथ ही भारत में राफेल विमानों की संख्या आठ हो जाएगी। राफेल लड़ाकू विमानों की तैनाती पहले ही की जा चुकी है। लद्दाख में लाइन ऑफ एक्चुअव कंट्रोल (एलएसी) पर चीन के साथ जारी तनाव के बीच उन्हें लद्दाख में तैनात किया गया। राफेल के लिए अलग-अलग बैच में भारतीय वायुसेना के पायलटों को फ्रांस में ट्रेनिंग दी जा रही है।

बता दें कि फ्रांस की कंपनी दसॉ एविएशन से पांच राफेल विमानों का पहला बेड़ा 28 जुलाई को भारत पहुंचा था। इस बेड़े ने फ्रांस से उड़ान भरने के बाद संयुक्त अरब अमीरात में हाल्ट किया था, जहां उसने ईंधन भरा था। राफेल के पहले बेड़े को जब वायुसेना में शामिल किया गया था तब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे गेम चेंजर करार दिया था। उनका दावा था कि राफेल के साथ वायुसेना ने टेक्नोलॉजी के स्तर पर बढ़त हासिल कर ली है। यह नवीनतम हथियारों और सुपीरियर सेंसर से लैस लड़ाकू विमान है।

भारत को फ्रांस से कुल 21 राफेल विमान मिलेंगे. अगले साल अप्रैल तक भारत को ये लड़ाकू विमान मिल जाएंगे। आज 3 राफेल विमानों की लैंडिंग के साथ ये 8 हो जाएंगे। भारत ने फ्रांस के साथ 36 राफेल लड़ाकू विमानों के लिए सौदा किया है। नवंबर के बाद जनवरी में फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन 3 और राफेल विमानों की डिलीवरी देगी। फिर मार्च में तीन और विमान भारत को सौंपा जाएगा। इसी तरह 2021 में भारत को फ्रांस 7 और राफेल विमानों की डिलीवरी करेगा। इस तरह से भारत को अप्रैल तक कुल 21 राफेल विमान मिल जाएंगे।