बिहार में सत्तारूढ़ विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के सभी 3 विधायकों के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल कराए जाने का मुख्य कारण वीआईपी का उत्तर प्रदेश चुनाव लडऩा माना जा रहा है।ऐसे में कहा जा रहा है कि जिस यूपी चुनाव के कारण वीआईपी विधायक विहीन हो गई है, उसी यूपी में वीआईपी के प्रमुख मुकेश सहनी के मंत्री पद को लेकर भी फैसला हो जाएगा।

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यूपी में योगी आदित्यनाथ का शुक्रवार को लखनऊ में शपथ ग्रहण समारोह है। इस समारोह में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के भी शामिल होने की संभावना है। मुख्यमंत्री के अलावे इस शपथ ग्रहण समारोह में उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद और रेणू देवी को भी शामिल होना तय माना जा रहा है। इस शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह तथा पार्टी के अध्यक्ष जे पी नड्डा भी मौजूद रहेंगे। ऐसे में तय माना जा रहा है कि भाजपा के दिग्गजों से जदयू के वरिष्ठ नेता और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से भी मुलाकात होगी और बिहार के मुद्दे पर भी चर्चा होगी।

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माना जा रहा इस दौरान पशु और मत्स्य संसाधन मंत्री और वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी को लेकर भी फैसला हो सकता है। उल्लेखनीय है कि वीआईपी के सभी तीन विधायकों के भाजपा में शामिल होने के बाद सहनी ने मंत्री पद से इस्तीफा के मामले को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर डाल दिया है। सहनी ने कहा कि मंत्री पद मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है। ऐसे में इस मुद्दे को लेकर यूपी में दोनो पार्टियों के नेताओं में चर्चा होने की उम्मीद है। वैसे, नीतीश कुमार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने को लेकर एनडीए एकजुट होने का संकेत भी देना चाह रही है। जदयू भी यूपी विधानसभा चुनाव मैदान में अकेले उतरी थी, हालांकि वह एक भी सीट नहीं जीत सकी। ऐसे में नीतीश के समारोह में शामिल होने को एनडीए के नेता यह दिखाने की कोशिश भी कर रहे हैं कि जदयू भाजपा से अलग होकर भले चुनाव लड़ी हो, लेकिन एनडीए मजबूत है और एनडीए में सबकुछ ठीक चल रहा। सूत्र यह भी बता रहे हैं कि नीतीश मंत्रिमंडल में फेरबदल भी हो सकता है, ऐसे में इस विषय पर भी चर्चा होने की उम्मीद जताई जा रही है।