जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में बुधवार को पुलिस और सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए तीन आतंकवादियों (Terrorists Killed In Encounter) ने आत्मसमर्पण करने से इनकार कर दिया था। पुलिस ने कहा कि शोपियां के गांव चेक चोलन क्षेत्र में आतंकवादियों (terrorists in Kashmir) की मौजूदगी के संबंध में विशेष इनपुट पर कार्रवाई करते हुए, पुलिस, सेना के 34 आरआर और सीआरपीएफ (CRPF) के 178 बीएन द्वारा एक संयुक्त घेरा और तलाशी अभियान शुरू किया गया था।

पुलिस ने कहा, तलाशी अभियान के दौरान, जैसे ही आतंकवादियों की मौजूदगी का पता चला, उन्हें आत्मसमर्पण करने के लिए बार-बार मौका दिया गया, हालांकि, उन्होंने संयुक्त तलाशी दल (joint search team) पर अंधाधुंध गोलीबारी की, जवाबी कार्रवाई में मुठभेड़ हुई। आगामी मुठभेड़ में, प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर (टीआरएफ) (Lashkar TRF) के तीन आतंकवादी मारे गए और उनके शव मुठभेड़ स्थल से बरामद किए गए। इनकी पहचान चेक चोलन शोपियां निवासी अमीर हुसैन गनी, कापरान शोपियां निवासी रईस अहमद मीर और खुदवानी कुलगाम निवासी हसीब अहमद डार के रूप में हुई है।

पुलिस ने कहा, पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मारे गए तीनों आतंकवादियों (Terrorists Killed In Encounter) को आतंकवादियों की श्रेणी में रखा गया था और प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर (टीआरएफ) से जुड़े थे, जो सुरक्षा बलों पर हमले और नागरिकों पर अत्याचार सहित कई आतंकी अपराध के मामलों में शामिल समूहों का हिस्सा थे। पुलिस बयान में कहा गया है, महत्वपूर्ण रूप से, मारा गया आतंकवादी आमिर हुसैन सितंबर 2020 से सक्रिय था और कई आतंकी अपराध के मामलों में शामिल था। वह भोले-भाले युवाओं को आतंकी गुटों में शामिल होने के लिए लुभाने में भी शामिल था। जबकि आतंकवादी रईस अहमद जून -2021 से सक्रिय था और पुलिस/एसएफ पर हमले सहित आतंकवादी अपराध के मामले में शामिल था। वह गांव रखमा में पुलिस/एसएफ पर हमले में भी शामिल था। इसके अलावा, आतंकवादी हसीब यूसुफ भी कुलगाम के इलाकों में कई आतंकवादी अपराध मामलों में शामिल था। उनके पास से एक एके-74 राइफल और दो पिस्तौल सहित आपत्तिजनक सामग्री, हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किया गया। बरामद सभी सामग्रियों को आगे की जांच के लिए केस रिकॉर्ड में ले लिया गया है।