देश के दस राज्यों के एटीएम से शातिर तरीके से रुपया चोरी करने वाले तीन इंजीनियरिंग के छात्रों को एमपी के जबलपुर की पुलिस ने कानपुर यूपी से गिरफ्तार किया है. शातिर चोरों के पास से पुलिस ने 65 हजार रुपए नगद, मोबाइल फोन, तीन एटीएम सहित एक वेरेना कार बरामद की है, उक्त कार से ही तीनों स्टूडेंटस घूम-घूम कर चोरी की वारदातों को अंजाम देते रहे.

 पुलिस द्वारा आरोपियों से एटीएम से चोरी करने के मामले में और भी पूछताछ की जा रही है, जिनसे बड़ा खुलासा होने की संभावना है. इस आशय की जानकारी एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा ने आज एक चर्चा में दी है.

एसपी श्री बहुगुणा ने आगे बताया कि उत्तरप्रदेश के कानपुर व वाराणासी में रहने वाले इंजीनियरिंग के तीन स्टूडेंट अजीत कुमार सिंह, गगन कटियार व विजय यादव अपनी वेगेनार कार यूपी 32 एफएस 4275  से जबलपुर पहुंचे, यहां पर घूमते हुए तीनों युवकों ने गुलौआ चौक व गढ़ा बाजार स्थित एसबीआई से पेंचकस व चिमटी की मदद से 77 हजार रुपए चोरी कर लिए, इस दौरान कर्मचारियों को मैसेज आने पर वह भागकर पहुंच गया. देखा तो एक युवक एटीएम के अंदर रहा, दो कार में बैठे रहे, जो भाग निकले.   घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस पहुंच गई और पूछताछ के बाद एक आरोपी विजय यादव विजय यादव उम्र 25 वर्ष निवासी ग्राम सरसी पोस्ट देवसढ़ थाना धारमपुर जिला कानपुर यूपी को पकड़ लिया. जिससे पूछताछ के बाद पुलिस ने साथी अजीतसिंह को मिर्जापुर व गगन कटियार को कानपुर से गिरफ्तार कर लिया.

बी-टेक की पढ़ाई कर रहे है तीन आरोपी स्टूडेंट ने 30 मई 2021 को इंट्रीग्रल यूनिवर्सिटी के हास्टल में विजय यादव, अजीत सिंह एवं गगन कटियार के साथ मिलकर योजाना बनाई कि पैसे की कमी पड़ रही है एटीएम वाला काम करना है और इस बार मध्यप्रदेश में काम करेंगे.

तीनों युवक अपनी वेरेना कार से 30 मई को लखनऊ से बनारस पहुंचे, बनारस में चार-पांच एटीम में प्रयास किए, इसके बाद रीवा फिर कटनी पहुंचकर एक एटीएम से 20 हजार रुपए, दूसरे से 19 हजार चोरी किए, यहां पर खाना खाकर जबलपुर के लिए रवाना हो गए. जबलपुर के तिलवारा स्थित सुकून होटल में रहे और एक जून से यहां पर कार से घूमते हुए एटीएम से चोरी करने लगे.

पुलिस को पूछताछ में यह जानकारी लगी कि जबलपुर के गढ़ा क्षेत्र के तीन एटीएम से आरोपियों ने करीब 77 हजार रुपए चोरी किए है, इसके बाद वे शहर के और एटीएम को निशाना बनाते लेकिन पुलिस पीछे लग गई, विजय पकड़ा गया तो गगन व अजीतसिंह कार से जबलपुर छोड़कर भाग निकले.

आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्होने दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, महाराष्ट्र्र, राजस्थान, बिहार, उत्तराखण्ड, उत्तरप्रदेश, पश्चिम बंगाल एवं मध्यप्रदेश के विभिन्न शहरों के एटीएम से चोरी की वारदातों को अंजाम देकर लाखों रुपए निकाल लिए.

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन एटीम कार्ड, दो मोबाइल फोन, एक वेरेना कार क्रमांक यूपी 32 एफएस 4275, एक पेंचकस, एक स्टील की साबड़, पतली चिमटी व 65 हजार रुपए नगद बरामद किए गए है.

आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि एनसीआर कम्पनी की एटीएम मशीन में पेंचकस एवं चिमटी फंसाना आसान होता है इसलिये पिछले लगभग 3 वर्ष से एनसीआर कम्पनी की एटीएम को चिन्हित कर एटीएम में कार्ड फंसा कर ट्रांजिक्सन के दौरान रुपये विड्राल होने के पहले जहां से पैसा निकलता है वहाँ पर पेंचकस एवं स्टील की साबड़, स्टील की पतली चिमटी फंसा देते है, जिस कारण ट्रांजक्शन की लिंक टूट जाती है, एकाउंट से तो पैसे कट जाते है लेकिन एटीएम से रूपए निकलना शो नही होता है, रुपये चिमटी और पेचकस की सहायता से एटीएम से बाहर खींच लेते है और बैंक एकाउंट से कटे हुए पैसे के लिए बैंक को कस्टमर केयर के माध्यम से क्लेम कर उक्त पैसा एकाउंट में रिफंड करा लेते, जिससे एकाउंट का मेन बैलेंस ज्यो का त्यों रहता है. घटना कारित करने के लिए एक एटीएम का प्रयोग 2-3 बार करते हैं इसके बाद एटीएम बदल लेते हैं. इस हेतु अपने आसपास रहने वाले दोस्तए रिश्तेदार एवं गरीब मजदूरो को 500-1000 रूपए देकर उनका एटीएम ले लेते है और घटना को अंजाम देते है.

पुलिस अधिकारियों की माने तो आरोपियों से बरामद किए गए एटीएम व बैंक एकाउंट की जानकारी से पता चला है कि विजय यादव के तीन अलग अलग एकाउंट से 2018 से अभी तक 45लाख 96 हजार रुपए का लेनदेन इसी तरह हो चुका है.