एक ओर दुनियाभर के देश युद्ध स्तर पर लोगों को कोरोना वैक्सीन देने में जुटे हैं। वहीं दूसरी ओर कुछ लोग अपने फायदे के लिए नकली कोरोना वैक्सीन दे रहे हैं। ताजा मामला सामने आया है मेक्सिको से। यहां विनियामक स्वास्थ्य बोर्ड ने अपनी जांच में खुलासा किया है कि होंडुरान स्थित एक कपड़ा कंपनी के 1000 से ज्यादा कामगारों को नकली स्पुतनिक वी वैक्सीन दे दी गई।

होंडुरान की कपड़ा कंपनी ग्रुपो करीम का मालिक पाकिस्तान का मूल निवासी मोहम्मद यूसुफ अमदानी बाई है। अमदानी फरार है और अब मेक्सिको सरकार उसकी तलाश कर रही है। मीडिया रिपोट्र्स का दावा है कि जांच में पता चला कि यह वैक्सीन ग्रुपो करीम के मजदूरों के अलावा अन्य व्यवसायियों और सरकारी अधिकारियों को भी दी गई थी। ये सभी अमदानी बाई के करीबी थे। इस नकली वैक्सीन की खुराक पहले 10 मार्च को ओशन व्यू होटल और एक क्लीनिक में दी गई थी, इसका मालिक भी अमदानी बाई है। कपड़ा फैक्ट्री के कामगरों को 15 मार्च वैक्सीन दी गई थी। गौरतलब है कि बाई को होंडुरान का सबसे अमीर आदमी माना जाता है।

गौरतलब है कि पिछले बुधवार को कैम्पेचे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कंपनी के एक निजी विमान में सीमा शुल्क अधिकारियों ने स्पुतनिक वी वैक्सीन की 5,700 से अधिक नकली खुराकें जब्त की थीं। इन नकली कोरोनो वायरस के टीकों को कोका-कोला के डिब्बे और बोतलों के साथ फ्रिज में रखा गया था। जांच के बाद पूरा मामला खुल गया। हालांकि कंपनी ने बयान जारी किया है कि वह सिर्फ अपने कर्मचारियों की मदद करना चाहते थे।