पूर्व कांग्रेसी मंत्री नूरजमाल सरकार के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रिपु बोरा से इस्तीफे की मांग को एपीसीसी ने गंभीरता से लिया है। पार्टी की विश्वनाथ इकाई ने सरकार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं प्रदेश कांग्रेस महासचिव (संगठन) रंजन बोरा ने पार्टी मंच की जगह सार्वजनिक तौर पर ऐसी बात कहने के लिए गहरी नाराजगी जताई है।

नूरजमाल ने पंचायत चुनावों में प्रदेश अध्यक्ष के इलाके में कंग्रेस को मिली भारी पराजय के लिए बोरा को दोषी ठहराते हुए इस्तीफे की मांग की थी। पत्रकारों के सामने एपीसीसी महासचिव (संगठन) रंजन बोरा ने कहा कि गोहपुर में उम्मीद के मुताबिक परिणाम नहीं पाने के कारण प्रेदश अध्यक्ष से इस्तीफे की मांग हास्यास्पद है।

एपीसीसी महासचिव(संगठन) के मुताबिक वर्ष 2011 में हुए विधानसभा चुनाव के समय नूरजमाल शोणितपुर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष थे। उस चुनाव में वे हार गए थे। इसी तरह वर्ष 2014 में उनके जिलाध्यक्ष रहते शोणितपुर जिले के अधीन तेजपूर लोकसभा क्षेत्र से काग्रेस प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ा था।

रंजन बोरा ने कहा कि यही नही, वर्ष 2016 में विधानसभा चुनाव के ठीक पहले तक शोणितपुर के जिलाध्यक्ष थे। फिर भी उनके खुद के निर्वाचन क्षेत्र सहित जिले के आठ क्षेत्रों में कांग्रेस प्रत्याशी को हार मिली थी। उस समय नूरजमाल सरकार ने जिलाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था क्या?