अफगानिस्तान में स्थितियां तेजी से बिगड़ रही हैं और वहां से कई लोग बाहर निकलने की जुगत में हैं।  भारत सरकार ने अफगानिस्तान से यहां आने वालों के लिए वीजा प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक वीजा की एक नई कैटेगरी का ऐलान किया है। 

 मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि फास्ट ट्रैक तरीके से वीजा आवेदनों को मंजूरी देने के लिए एक नई कैटेगरी का इलेक्ट्रॉनिक वीजा “e-Emergency X-Misc Visa” शुरू किया जा रहा है।  सरकार ने यह कदम अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के दो दिन बाद उठाया है। 

दो दिन पहले तालिबान ने अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया और राष्ट्रपति अशरफ गनी देश छोड़कर ओमान जा चुके हैं।  न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अफगानिस्तान में संकट को लेकर कहा कि अफगानिस्तान में आतंकवाद से लड़ाई ही अमेरिका का लक्ष्य था, ना कि राष्ट्र निर्माण या एक केंद्रीयकृत लोकतंत्र की स्थापना।  वहीं रूस ने आज तालिबान शासन के बारे में कहा कि यह गनी सरकार से बेहतर व्यवस्था होगी। 

अफगानिस्तान की नाजुक स्थिति को देखते हुए भारत सरकार ने राजदूत समेत काबुल में स्थित दूतावास के पूरे स्टॉफ को तत्काल वापस लाने का फैसला किया है।  विदेशी मामलों के मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने इसकी जानकारी दी है।  वहीं विदेश मंत्री एस जयशंकर ने का कि अफगानिस्तान की मौजूदा स्थिति पर लगातार नजर बनी हुई है।  

उन्होंने कहा कि भारत वापस आने वालों की चिंता वह समझ सकते हैं लेकिन इसके लिए सबसे एयरपोर्ट से फ्लाइट शुरू करना सबसे बड़ी चुनौती है।  इसके लिए सभी सहयोगियों से लगातार बातचीत की जा रही है। 

विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि काबुल में सिख व हिंदू समुदाय के नेताओं के साथ लगातार संपर्क बना हुआ है।  विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बागची ने बताया कि अफगानिस्तान से भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए एक विशेष अफगानिस्तान सेल का गठन किया गया है।  विदेश मंत्रालय ने सोमवार को हेल्पलाइन नंबर 919717785379 और ईमेल http://[email protected] का भी ऐलान किया है।