ये तो हम सब जानते ही हैं कि देश में लोगों की सबसे बड़ी समस्या ट्रेन का कंफर्म टिकट लेना होता है। दरअसल आमतौर लोगों को अचानक यात्रा की जरूरत पड़ती है और ऐसे में ट्रेन का कंफर्म टिकट लेना मुश्किल हो जाता है। यही कारण है कि लोग इस स्थिति में वेटिंग का टिकट लेकर फिर उसके कंफर्म होने का इंतजार करते हैं। लेकिन IRCTC ने अपनी इस व्यवस्था में एक खास तरह का बदलाव किया है और कंफर्म टिकट पाना आसान कर दिया है।


IRCTC की साइट पर ऐसे बुक करें टिकट
आपको बता दें कि इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन यानी आईआरसीटीसी (IRCTC) ने ऑनलाइन ट्रेन टिकट बुक करने के लिए एक नया फीचर जोड़ा है। इस फीचर का नाम सीएनएफ संभावना या CNF Probability है। मालूम हो कि इस फीचर के तहत जब आईआरसीटीसी की साइट पर टिकट बुक किया जाता है तो वेटिंग लिस्ट दिखती है। इस वेटिंग लिस्ट पर ने पर नीचे CNF Probability का विकल्प दिखता है। दरअसल CNF Probability पर आपको पता चल जाता है कि वेटिंग लिस्ट में मिलने वाला ट्रेन का टिकट कंफर्म होगी या नहीं।


प्रतिशत में दिखती है संभावना
आपको बता दें कि यहां पर लाेगों को CNF Probability प्रतिशत के आंकड़े के रूप में दिखती है। दरअसल इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि टिकट कन्फर्म होने की कितने फीसदी उम्मीद है। बता दें आमतौर पर अगर इसमें अगर 80 % से ऊपर की संभावना दिख रही है तो इसका मतलब है कि आपका टिकट कन्फर्म हो सकता है।


CNF Probability की यह है खासियत
मालूम हो कि CNF Probability की खासियत ये है कि जिस दिन का, जिस ट्रेन में टिकट बुक करते हैं, उसके टिकट कन्फर्म होने के एक साल के इतिहास सिस्टम चेक करने के बाद संभावना बताई जाती है। दरअसल इससे अक्सर अनुमान सच निकलता है। वहीं अगर टिकट कन्फर्मेशन का चांस 30 % तक होता है तो आप ट्रेनों के विकल्प का इस्तेमाल कर सकते हैं।


क्या है विकल्प स्कीम
आपको बता दें कि अगर किसी ने ट्रेन का टिकट बुक कर दिया है और वह वेटिंग में है तो इंडियन रेल ने विकल्प स्कीम की शुरुआत की है। जी हां, दरअसल इस स्कीम के तहत लोगों को ऑप्शन के तहत अल्टरर्नेट ट्रेन चुनने का मौका मिल जाता है। मालूम हो कि अगर इस विकल्प का इस्तेमाल किया जाता है तो लोग 5 अल्टरर्नेट ट्रेन तक चुन सकते हैं। बता दें कि आपके टिकट बुक होने के सेड्यूल से 30 मिनट से लेकर 12 घंटे के बीच में जितनी भी ट्रेनें होंगी, सबकी लिस्ट आपके सामने आ जाएंगी।


दरअसल अगर आप विकल्प को चुनते हैं तो आगे वाली ट्रेनों में सीट मिलने की सुविधा मिलती है। जिस ट्रेन में सीट खाली होगी आपको एलाट कर दी जाएगी इसके बाद जैसे ही उन ट्रेनों का चार्ट बनेगा, खाली सीट आपको दे दी जाएगी। हालांकि अगर सीट खाली नहीं है तो उसके बाद वाली ट्रेन में आपको सीट जाएगी। इसी प्रकार आपकी चुनी हुई ट्रेनों में अगर सीट खाली है तो आपको एलाट कर दी जाती है।