पिछले साल 5 दिसंबर को तमिलनाडु की पूर्व सीएम जयललिता की अपोलो अस्पताल में हुई मौत बहुत से लोगों के लिए अबूझ पहेली बनी हुई है। जब जयललिता अपोलो अस्पताल में भर्ती थीं, उस वक्त मद्रास हाईकोर्ट में उनकी हेल्थ रिपोर्ट सार्वजनिक करने के लिए एक याचिका दाखिल की गई थी। 29 दिसंबर को मद्रास हाईकोर्ट के जज जस्टिस वैद्यलिंगम ने कहा था कि जयललिता की मौत पर उन्हें भी संदेह है, लिहाजा सच्चाई सामने आनी चाहिए। 

अब चेन्नई के अपोलो अस्पताल ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए जयललिता की मौत की वजहें बताईं। जयललिता का इलाज करने वाले लंदन के डॉक्टर रिचर्ड बील ने भी इस दौरान मौत से जुड़े सवालों के जवाब दिए। एक नज़र अस्पताल की सफाई पर: 

अपोलो अस्पताल का बयान

1. जयललिता की मौत गंभीर इंफेक्शन की वजह से हुई थी। उनके अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। इंफेक्शन से जटिलताएं बढ़ती गईं।

2. जब जयललिता को अपोलो अस्पताल लाया गया तब वह एक गंभीर संक्रमण (सेप्सिस) से पीड़ित थीं। संक्रमण ने उनके शरीर के अंगों को बुरी तरह नुकसान पहुंचा दिया था। 

3. जयललिता को अचानक दिल का दौरा पड़ गया, इसकी उम्मीद नहीं थी। सेप्सिस से उनके अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। 

4. उनके इलाज के दौरान किसी भी अंग का ट्रांसप्लांट नहीं किया गया। उन्हें बेस्ट ट्रीटमेंट दिया गया। शुरुआत में उनके ठीक होने के संकेत मिले थे।

5. जयललिता गंभीर डायबिटीज से पीड़ित थीं। संक्रमण (सेप्सिस) और डायबिटीज उनकी मौत की वजह है।  

गौरतलब है कि जयललिता की मौत 5 दिसंबर को हुई थी। तकरीबन 3 महीने तक जयललिता अपोलो अस्पताल में ही भर्ती रही थीं।