इस समय पूरे देश में कोरोना वायरस के खिलाफ टीकाकरण अभियान चल रहा है। हालांकि अब एक तरफ वैक्सीन स्लॉट बुक करने को ऑटोमेट करने की कोशिश पर पाबंदी लगाई गई है तो दूसरी तरफ वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट में दर्ज गलतियां यूजर को खुद से सुधारने की सुविधा दी गई है।

यदि आपने कोविन प्लैटफॉर्म पर 24 घंटे के अंदर वैक्सीन स्लॉट के लिए 1,000 बार सर्च कर लिया या फिर 50 से ज्यादा ओटीपी जेनरेट कर ली तो आप ब्लॉक हो जाएंगे। कोविन पोर्टल को मैनेज कर रही टीम का कहना है कि ऐसे यूजर अगले 24 घंटे के लिए ब्लॉक कर दिए जाएंगे। इसके साथ ही, 15 मिनट में 20 से ज्यादा बार वैक्सीन स्लॉट सर्च किए जाने पर पोर्टल अपने आप लॉग आउट हो जाएगा।

कोविन मैनेजमेंट टीम ने ये कदम वैक्सीन स्लॉट बुकिंग्स को ऑटोमेट करने के लिए बॉट्स या स्क्रिप्टस डिप्लॉयमेंट की तरकीब को रोकने के लिए उठाए हैं। एक अधिकारी ने कहा, "ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि मैनुअली स्लॉट बुक करने वालों को बॉट्स के साथ प्रतिस्पर्धा नहीं करना पड़े।" उन्होंने कहा कि एक या दो पिन कोड या फिर जिले में 15 मिनट के अंदर 20 बार सर्च करने से आशंका होती है कि कहीं ना कहीं बॉट एक्टिविटी हो रही है। इसलिए, ऐसे यूजर्स को लॉग आउट कर दिया जाता है।

टीका लगवाने वाले लाभार्थी अपने कोरोना वायरस टीकाकरण प्रमाण पत्र में हुई गलतियों को कोविन पोर्टल पर अब खुद ही ठीक कर सकते हैं। सरकार ने एक नए अपडेट की घोषणा की है जो आवेदक को टीकाकरण प्रमाण पत्र में मुद्रित नाम, जन्मतिथि और लिंग में अनजाने में हुई गलती को सुधारने की सुविधा देगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव विकास शील ने बताया कि यूजर्स कोविन वेबसाइट के जरिए यह सुधार कर सकते हैं।

आरोग्य सेतु ऐप के आधिकारिक हैंडल पर एक ट्वीट किया गया, “अगर कोविन वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट में अनजाने में आपके नाम में, जन्मतिथि में और लिंग में कोई त्रुटि हुई है तो आप उन्हें ठीक कर सकते हैं। कोविन की वेबसाइटट पर जाएं और इस संबंध में अपनी समस्या बताएं।” कोविड टीकाकरण प्रमाण-पत्र यात्रा के वक्त और कई अन्य परिसरों तक जाने-आने में मदद करते हैं।