तेजपुर विश्वविद्यालय मे हिन्दी भाषा-शिक्षण के निष्कर्ष पर असम के विद्यालयों का अनुशीलन (नगांव जिले के विशेष संदर्भ में) शीर्षक पर शोध कार्य हाल ही में संपन्न हुआ। गौहाटी विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग की अतिथि अध्यापिका जशोधरा बोरा ने डाॅ. सूर्यकांत त्रिपाठी के निर्देशन में यह कार्य किया। इसके लिए बोरा को तेजपुर विश्वविद्यालय ने डाॅक्टर आॅफ फिलाॅसफी (पीएचडी) डि्ग्री से सम्मानित किया है।


नगांव जनपद के विद्यालयों, विशेष रूप से उच्च विद्यालय तथा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अर्थात कक्षा 6 से 10 तक के स्तर की कक्षाओं में भाषा-शिक्षण का अध्ययन हिंदी भाषा के परिपेक्ष्य में करने तथा भाषा-शिक्षण के अंतर्गत आने वाले तथ्यों एवं कौशलों के आधार पर उक्त कक्षाओं में हिंदी को लेकर विद्यार्थियों की कठिनाइयों को समझाने के उद्देश्य से शोध किया गया है।


जशोधरा बोरा एक शास्त्रीय नृत्यांगना भी हैं। पद्मभूषण से सम्मानित गुरू डाॅ. सरोजा वैद्यनाथ के प्रशिण में उन्होंने भरत नाट्यम की तालिम हासिल की है। संगीत रत्न, नृत्य शिरोमणि, नृत्य कनक ज्योति सम्मान आदि पुरस्कारों से इन्हें नवाजा गया है। नगांव में स्थित सरोजा नाट्यालया-भरतनाट्यम नृत्य केंद्र की संस्थापक तथा प्राध्यापक के पद पर प्रशिक्षण देती आई हैं। जशोधरा भोटाईगांव नगांव निवासी स्वर्गिय रीना सैकिया बोरा एवं जयंत कुमार बोरा की सुपुत्री है एवं प्राख्यात स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय राजेंद्र नाथ बोरा की पोती हैं।