दिल्ली आज प्रति वर्ग मील में सबसे अधिक सीसीटीवी लगाने के मामले में दुनिया का पहला शहर बन गया है। दिल्ली में प्रति वर्ग मील 1826 सीसीटीवी लगाए गए हैं, जो चेन्नई से 3 गुना अधिक और मुंबई से 11 गुना अधिक है। फोब्र्स इंडिया ने सर्वाधिक सीसीटीवी कैमरों वाले शहरों की एक सूची जारी की है। इस सूची में पहले नंबर पर देश की राजधानी दिल्ली का नाम है।

फोब्र्स की रिपोर्ट को सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा कि, हमें यह कहते हुए गर्व महसूस हो रहा है कि दिल्ली ने प्रति वर्ग मील में सबसे अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाने के मामले में शंघाई, न्यूयार्क और लंदन जैसे शहरों को भी पीछे छोड़ दिया है।दिल्ली में प्रति वर्ग मील 1826 कैमरे लगे हैं, जबकि लंदन में प्रति वर्ग मील 1138 कैमरे लगे हैं। मिशन मोड में काम करने वाले हमारे अधिकारियों और इंजीनियरों को मेरी बधाई, जिनकी बदौलत हमने इतने कम समय में यह उपलब्धि हासिल की।

हालांकि दिल्ली सरकार ने केंद्र सरकार को इस मसले पर आड़े हाथों लिया। राज्य सरकार के अनुसार, केंद्र सरकार और एलजी की तरफ से लगातार अड़चनें डालने के बावजूद सीएम के लगातार संघर्ष, दूरदर्शिता और मेहनत की वजह से दिल्ली में सीसीटीवी लग सकें। दिल्ली की जनता को एक सुरक्षित माहौल देने का केजरीवाल सरकार का बड़ा वादा भी पूरा हुआ। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि, प्रति वर्ग मील में लगाए गए सीसीटीवी के मामले में दिल्ली दुनिया भर के 150 शहरों में पहले स्थान पर है और शंघाई, न्यूयॉर्क व लंदन जैसे शहरों को भी पीछे छोड़ दिया है। महिला सुरक्षा को मजबूती देने के लिए प्रतिबद्ध दिल्ली सरकार ने अब तक 2.75 लाख सीसीटीवी लगाए हैं और अगले कुछ महीने में 1.4 लाख सीसीटीवी और लगाए जाएंगे।

दिल्ली सरकार के अनुसार, सरकार द्वारा लगाए गए सभी सीसीटीवी फीड अत्यधिक सुरक्षित हैं। लोगों द्वारा हार्डवेयर की निगरानी की जाती है। फीड केवल अधिकृत उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध है और सिस्टम स्वयं ही कनेक्शन की गड़बड़ी आदि का पता लगाने में सक्षम है। इसके साथ ही, दिल्ली सरकार एकत्र किए गए सभी फीड की सुरक्षा और गोपनीयता सुनिश्चित की जा रही है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि इसका उपयोग केवल अधिकृत उपयोगकतार्ओं द्वारा अधिकृत उद्देश्यों के लिए ही किया जाए। सरकार की ओर से कहा गया कि, केंद्र सरकार ने जुलाई 2018 में व्यक्तिगत डेटा विधेयक पेश किया, लेकिन अभी भी इसे पारित नहीं किया है। नतीजतन, कहीं भी स्थापित किसी भी सीसीटीवी कैमरे के लिए कोई राष्ट्रीय मानक नहीं हैं। हालांकि, दिल्ली सरकार डेटा की गोपनीयता के लिए एक नागरिक चार्टर जारी करना चाहती है।