जापान की राजधानी टोक्यो में ओलंपिक 2020 खेला जा रहा है। यहां खेले जा रहे ओलंपिक में पदकों के लिए खिलाड़ियों के बीच जबरदस्त प्रदर्शन चल रहा है। वे अपना शत-प्रतिशत दे रहे हैं। इसी बीच कुछ ऐसे भी खिलाड़ी हैं जो बहुत संघर्ष का सफर तय करके वहां पहुंचे हैं। इन्हीं में से एक हैं अमेरिका की ओलंपिक लॉन्ग जंपर क्यूनेशा बर्क्स, जो दस साल पहले वेटर का काम करती थीं।

दरअसल, अमेरिका की लॉन्ग जंपर क्यूनेशा बर्क्स टोक्यो ओलंपिक में अमेरिका का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। क्यूनेशा जब 16 साल की थीं तो अपनी फैमिली की परिस्थितियों के कारण मैकडॉनल्ड्स में काम करने लगी थीं। बर्क्स अपनी छोटी बहनों की जिम्मेदारी उठाने के लिए कम उम्र से ही काम करने लगी थीं।

अपनी पारिवारिक जिंदगी में उथल-पुथल के बीच बर्क्स घर के बिल्स भरती थीं, अपनी छोटी बहनों को स्कूल ले जाती थीं और घर के काफी काम निपटाती थीं। हालांकि उन्हें पता था कि मैकडॉनल्ड्स उनके लिए किसी भी तरह से सीरियस करियर नहीं है, इसीलिए इतना बिजी होने के बावजूद वे बास्केटबॉल में काफी दिलचस्पी रखती थीं।

बर्क्स ने दौड़ना शुरु किया था ताकि वे अपना बास्केटबॉल गेम को मजबूत बना सकें,  हालांकि बास्केटबॉल की कई स्टेट चैंपियनशिप्स खेलने के बाद बर्क्स के कोच ने कहा था कि वे बास्केटबॉल के लिए काफी तेज हैं और उन्हें अपना करियर रनिंग में बनाना चाहिए। और फिर इसी के बाद बर्क्स की जिंदगी ने मोड़ ले लिया।