पेट में गैस बनना एक आम बात है लेकिन इसे नजरअंदाज करना एक बड़ी भूल साबित हो सकती है। गैस के मरीजों की गिनती दिन पर दिन बढ़ती ही जा रही है। इसमें सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि यह कभी भी और कहीं भी आपको परेशान कर सकती है। हम सभी कभी न कभी गैस की समस्या से जरूर गुजरे होंगे और आपको एहसास हो गया होगा की यह छोटी सी दिक्कत कितनी बड़ी परेशानी दे सकती है।

एसिडिटी कभी भी हो सकती है, इसके कई कारण हो सकते हैं। जिनमें सबसे आम है भोजन के बीच लंबा अंतराल, बहुत अधिक मसालेदार भोजन और नियमित रूप से चाय/कॉफी का सेवन। गलत भोजन इस समस्या को ट्रिगर कर सकता है। कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ हैं, जो रसोई में आसानी से उपलब्ध हैं, जिसका सेवन करने से तुरंत एसिडिटी से छुटकारा मिल सकता है। 

हम जो भोजन करते हैं, वह अन्नप्रणाली के माध्यम से हमारे पेट में जाता है। आपके आमाशय में पाचन क्रिया के लिए गैस्ट्रिक ग्रंथियां एसिड बनाती हैं। जब गैस्ट्रिक ग्रंथियां पाचन प्रक्रिया के लिए जरूरत से ज्यादा एसिड बनाती हैं, तो आप ब्रेस्टबोन के नीचे जलन महसूस कर सकते हैं। इस स्थिति को आमतौर पर एसिडिटी के रूप में जाना जाता है

यहां बताई गई सारी चीज़े आपके मेटाबॉलिज्म को बढ़ाती है और आपकी खाना पचाने की शक्ति भी बड़ा देती हैं। आज हम आपको घर पर ही एक ऐसा गैस्ट्रिक ड्रिंक बनाना सिखाएंगे, जिसे पीने के बाद आपके पेट को रहत मिलेगी, तो चलिए जानते हैं इसे बनाने का तरीका।

ड्रिंक बनाने के लिए जरूरी सामग्री-

½ आधा चमच जीरा पाउडर

½ आधा चमच दालचीनी पाउडर

1 इंच अदरक का टुकड़ा

1 गिलास पानी

केसे बनाएं 

एक पतीले में पानी लें। उसमें कटा हुआ अदरक का टुकड़ा डालें।

उसके बाद आधा चम्मच जीरा और दालचीनी पाउडर डालें।

इसे धीमी गैस पर 5 से 7 मिनट के लिए पकाएं।

स्वाद के लिए आप इसमें थोड़ा गुड़ भी डाल सकते हैं।

अब इसे गैस से उतार लें और थोडा ठंडा होने दें।

याद रहे इस ड्रिंक को बिलकुल ठंडा न होने दें, बल्‍कि गुनगुना ही रहने दें।

इसके बाद आप इसे छान लें और लीजिए आपकी गैस्ट्रिक ड्रिंक तयार है।

पेट के गुड बैक्‍टीरिया को बढ़ाती है दालचीनी

दालचीनी, जो आमतौर पर बिरयानी और करी में खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए इस्तेमाल होती है, वह अपच के कारण होने वाली दिक्कतों को भी दूर करने में मदद कर सकती है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि इसमें प्रीबायोटिक गुण (3)होते हैं, जो गुड बैक्टीरिया के विकास को बढ़ावा देते हैं और रोगजनक बैक्टीरिया के विकास को दबाने में मदद करते हैं। इसलिए, अपने आहार में नियमित रूप से दालचीनी को शामिल करने से आंत के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।

आयुर्वेद के अनुसार, जीरा एक ऐसा मसाला है जो पाचन रस को उत्तेजित करता है और संभावित रूप से पाचन को तेज कर सकता है। (1)साथ ही यह एसिडिटी और अपच जैसी पेट की समस्याओं को दूर रखता है। जीरा, लीवर से पित्त की ज्‍यादा मात्रा को निकालने को भी मदद करता है। पित्त आपके आंत में वसा और कुछ पोषक तत्वों को पचाने में मदद करता है।

कई अध्ययनों ने पाचन के दौरान आंतों के मार्ग में बनने वाली गैसों पर अदरक के प्रभाव की जांच की है। (4)कुछ शोध बताते हैं कि अदरक में मौजूद एंजाइम, शरीर को गैस को बाहर निकालने में मदद कर सकते हैं।