17वीं लोकसभा चुनावों वोटिंग के बाद सभी की निगाहें 23 मई को आने वाले नतीजों पर टिकी है। इसी क्रम में आज हम एक ऐसी महिला नेता के बारे में बताने जा रहे हैं जो मोदी वेब में भी धमाकेदार जीत दर्ज की थी। जी हां हम बात कर रहे हैं सुष्मिता देव की। वे सिलचर संसदीय सीट से सांसद हैं। इस सीट पर हमेशा से बीजेपी और कांग्रेस के बीच लड़ाई रही है। 1980 से अब तक यहां की राजनीति सिर्फ दो नेताओं के ही इर्द-गिर्द रही है। ये दो नेता कांग्रेस के संतोष मोहन देव और बीजेपी के कबिंद्र पुरकायस्था हैं। 2014 में संतोष मोहन देव ने अपनी सियासी विरासत बेटी सुष्मिता देव को सौंप दी। पार्टी ने उन्हें टिकट दिया और वे उम्मीदों पर खरी उतरती हुई संसद पहुंचीं।


 

कांग्रेस इस सीट पर अब तक सर्वाधिक 8 बार जीत दर्ज कर चुकी है। वहीं यहां की 7 विधानसभा सीटों में से 6 पर बीजेपी का कब्जा है। असम की सिलचर संसदीय सीट काछार जिले में आती है। क्षेत्रफल और जनसंख्या के लिहाज से ये असम का दूसरा सबसे बड़ा शहर है।


1977 में इस सीट पर पहली बार लोकसभा चुनाव हुए। इसमें कांग्रेस प्रत्याशी राशिदा चौधरी ने जीत दर्ज की थी। इसके बाद 1980, 1985 और 1989 के चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी संतोष मोहन देव लगातार तीन बार सांसद बने। 1991 में बीजेपी ने पहली बार इस सीट पर जीत दर्ज की। बीजेपी प्रत्याशी कबिंद्र पुरकास्था जीत कर संसद पहुंचे। 1996 के चुनाव में संतोष मोहन ने फिर वापसी की।


 
1998 में कबिंद्र ने फिर से संतोष मोहन देब को हराकर संसद का रुख किया। 1999 और 2004 के चुनाव में एक बार फिर से कांग्रेस प्रत्याशी संतोष मोहन देव ने वापसी की। 2009 के चुनाव में कबिंद्र पुरकायस्था ने एयूडीएफ प्रत्याशी बदरुद्दीन अजमल को 41 हजार 470 वोटों से हरा दिया। 2014 के चुनाव में कांग्रेस ने फिर से इस सीट पर कब्जा किया। संतोष मोहन देव ने बेटी सुष्मिता देव को अपनी राजनीतिक विरासत सौंपते हुए पार्टी का टिकट थमाया। पिता की विरासत को बखूबी संभालते हुए वे संसद पहुंचीं।


2011 में हुई जनगणना में इस सीट पर जनसंख्या 16 लाख 77 हजार 821 थी। यहां 81.2 फीसदी ग्रामीण और 18.8 फीसदी शहरी आबादी है। इस सीट पर 14.54 फीसदी एससी और 1.3 फीसदी एसटी हैं।

इस सीट पर कुल मतदाताओं की संख्या 10 लाख 60 हजार 175 थी, जिसमें 5 लाख 54 हजार 540 पुरुष और 5 लाख 5 हजार 558 महिलाएं हैं। पिछले चुनाव में 4310 मतदाताओं ने सभी प्रत्याशियों को खारिज कर दिया था। 2018 की वोटरलिस्ट के मुताबिक इस सीट पर मतदाताओं की संख्या 11 लाख 64 हजार 573 है। 2009 में इस सीट पर कुल 70.37 और 2014 में 75.46 फीसदी वोट डाले गए थे।


16वें लोकसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी सुष्मिता देव ने बीजेपी प्रत्याशी को 35 हजार 241 वोटों के अंतर से हराया। सुष्मित देव को कुल 3 लाख 36 हजार 451 वोट मिले, जबकि दूसरे नंबर पर रहे कबिंद्र पुरकायस्था को 3 लाख 1 हजार 210 वोट मिले। तीसरे नंबर पर 85 हजार 530 वोटों के साथ एआईयूडीएफ प्रत्याशी कुतुब अहमद मजूमदार रहे।

 47 वर्षीय सांसद सुष्मिता देव संसद की कार्यवाही में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती रही हैं। दिल्ली में अक्सर वे विरोध-प्रदर्शन के दौरान पार्टी की मुखर आवाज के रूप में देखी जाती हैं। सुष्मिता अब तक अविवाहित हैं। सुष्मिता देव ने लंदन यूनिवर्सिटी से कानून की पढ़ाई की है। इसके अलावा दिल्ली के मिरांडा हाउस से एलएलएम की भी उन्होंने पढ़ाई की है। सिलचर से सांसद सुष्मिता देव के पास चल संपत्ति 1 करोड़ 99 लाख 95 हजार 844 रुपये की चल संपत्ति और अचल संपत्ति 6 करोड़ 75 लाख की अचल संपत्ति है। सुष्मिता देव की संसद में उपस्थिति 80 फीसदी से ज्यादा रही है। वे कुल 257 दिन संसद सत्र में मौजूद रही हैं। उन्होंने 301 सवाल पूछे हैं, जबकि 81 बहसों में हिस्सा लिया है। उन्होंने संसद में कुल 3 प्राइवेट मेंबर बिल पेश किया है। उन्होंने अपनी सांसद निधि में से 16.05 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।